भागलपुर में फर्जी DSP की खुली पोल, नौकरी के नाम पर ठगे 90 हजार; पुलिस के डर से लौटाए 52 हजार
मनोज वर्मा नामक व्यक्ति ने खुद को डीएसपी बताकर किरण चौधरी से नौकरी दिलाने के नाम पर 90 हजार रुपये ठगे। पुलिस को जानकारी मिलने पर उसने 52 हजार रुपये वा ...और पढ़ें

भागलपुर में फर्जी DSP की खुली पोल ( प्रतीकात्मक तस्वीर )
HighLights
फर्जी डीएसपी मनोज वर्मा ने नौकरी के नाम पर ठगी की।
किरण चौधरी से 90 हजार रुपये ठगे, 52 हजार लौटाए।
पुलिस कार्रवाई के डर से पैसे वापस किए गए।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। खुद को कभी सचिवालय, पटना का डीएसपी बता नौकरी के नाम पर महिला से लाखों की ठगी करने वाले मनोज वर्मा का एक और कारनामा सामने आया है। इस बार खुद को भागलपुर का डीएसपी बता पटना के कंकड़बाग की रहने वाली किरण चौधरी से 90 हजार रुपये की ठगी कर ली।
घटना को लेकर ठगी की शिकार किरण चौधरी ने जब इशाकचक थाने में आवेदन दिया। वरीय अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी तो उसकी भनक लगते ही महिला को 52 हजार रुपये ऑनलाइन वापस कर दिया गया है।
मामले में अभी इशाकचक थाने में उक्त आवेदन पर केस दर्ज होने की कवायद पूरी भी नहीं हुई इधर 90 हजार रुपये में 52 हजार रुपये वापस कर दिया गया है।
52 हजार रुपये वापस दिए
महिला ने इशाकचक थाने की पुलिस को 52 हजार रुपये वापस किये जाने की जानकारी अपने अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह के जरिये दी है। मनोज वर्मा की पुत्री ने 52 हजार रुपये किरण चौधरी के पति के उस खाते में वापस किया है जिस खाते से मनोज वर्मा को 90 हजार रुपये दिये गए थे।
मालूम हो कि अब तक तीन मामले नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के सामने आ चुके हैं। किरण चौधरी को आरोपित ने यह कहते हुए झांसा दिया था कि वह कृषि कालेज सबौर में नौकरी दिला देगा। किरण चौधरी से मनोज की मुलाकात एक ला कंपनी के कार्यालय में हुई थी तब मनोज वर्मा आदित्य कुमार नामक सिपाही के साथ वहां पहुंचा था।
नौकरी के नाम पर झांसा दिया
वहीं बातचीत के दौरान नौकरी के नाम पर झांसा दिया था। वह झांसे में आते हुए पति के मना करने के बाद भी 90 हजार रुपये दे दी थी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। पैसे वापस करने पर पहले बहाना बनाया जाने लगा फिर मनोज वर्मा ने काल ही उठाना बंद कर दिया।