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भागलपुर में उफान पर गंगा, प्रोफेसर कॉलोनी से श्मशान घाट तक घुसा पानी; 30 मीटर बांध धंसा

Updated: Thu, 27 Aug 2026 12:10 PM (IST)

भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का कहर जारी है, जिससे निचले इलाकों, घरों और प्रोफेसर कॉलोनी तक ...और पढ़ें

भागलपुर में उफान पर गंगा

भागलपुर में उफान पर गंगा

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर बढ़ने से भागलपुर में बाढ़ का कहर।

  2. प्रोफेसर कॉलोनी, श्मशान घाट और फसलें जलमग्न।

  3. राघोपुर में 30 मीटर बांध का कटाव चिंताजनक।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण भागलपुर शहर से लेकर दियारा क्षेत्र तक निचले इलाकों में पानी फैल गया है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी घरों और आवासीय परिसरों में प्रवेश कर गया है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर कॉलोनी और महिला छात्रावास भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। 

लोगों के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं सबौर प्रखंड के शंकरपुर में सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जी की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। बाढ़ के कारण सिल्क कारोबार पर भी संकट गहराने लगा है।

गंगा का जलस्तर बुधवार शाम छह बजे से गुरुवार सुबह छह बजे तक 12 घंटे में दो सेंटीमीटर बढ़कर 33.52 मीटर हो गया। हालांकि भागलपुर में खतरे का निशान 33.68 मीटर है और नदी अभी इससे 16 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। 

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जलस्तर में फिलहाल स्थिरता का ट्रेंड बन रहा है, लेकिन निचले इलाकों में पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। लोगों को नेपाल में जल प्रलय की खबरों के कारण भी आगे की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

आपदा विभाग की ओर से प्रभावित लोगों को फिलहाल कोई सहायता नहीं मिली है। विभाग का कहना है कि निर्धारित मानक के अनुसार अभी सहायता उपलब्ध कराने की स्थिति नहीं बनी है। इससे प्रभावित लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

नाथनगर में पांच सेंटीमीटर बढ़ा पानी

नाथनगर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। लोगों को उम्मीद थी कि पानी घटेगा, लेकिन रात में जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर बढ़ गया। इससे अब तक गांव नहीं छोड़ने वाले परिवार भी चिंतित हैं। बैरिया पंचायत के सरपंच आशुतोष कुमार ने बताया कि रात में बाढ़ के पानी में करीब पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

नवगछिया में खेतों में घुसा पानी

नवगछिया में गंगा और कोसी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में पांच से सात सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। खेतों में लगी फसल डूब रही है। दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ मवेशियों को भी परेशानी हो रही है। इस्माइलपुर, गोपालपुर और नवगछिया के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इस्माइलपुर के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

सुल्तानगंज में शवों के अंतिम संस्कार में परेशानी

अजगैवीनाथ धाम में गंगा का पानी बढ़ने से मुक्तिधाम और कच्चा श्मशान घाट प्रभावित हो गया है। नगर परिषद द्वारा निर्मित मुक्तिधाम चारों तरफ से जलमग्न हो गया है। घाट पर पानी भरने के कारण शवों का अंतिम संस्कार करने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोग किसी तरह अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

महेशी और गनगनियां पंचायतों के निचले हिस्सों में भी पानी फैलने लगा है। सैकड़ों एकड़ में लगी मक्के की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। कल्याणपुर-मोतीचक गांव में लोग आवश्यक कामों के लिए टीन से बनी नाव का सहारा ले रहे हैं। इसके बावजूद अब तक पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता है।

कहलगांव और पीरपैंती में भी बढ़ी मुश्किल

कहलगांव में गंगा का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। गंगा से जुड़ी अन्य नदियां भी उफान पर हैं। करीब आधे गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

पीरपैंती के चौखंडी के समीप दो वर्ष पूर्व बाढ़ में ध्वस्त पुल के पास खेत से होकर बना वैकल्पिक कच्चा मार्ग भी जलमग्न हो गया है। इससे बाखरपुर पूर्वी, बाखरपुर पश्चिमी, बाबूपुर समेत दियारा क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। टपुआ गांव चारों तरफ पानी से घिरकर टापू जैसा हो गया है। 

निचले हिस्सों में खेतों तक पानी पहुंच गया

रानीदियारा, एकचारी दियारा, खवासपुर, बाबूपुर टोला, बाखरपुर, मोहनपुर और मधुबन पंचायतों के निचले हिस्सों में खेतों तक पानी पहुंच गया है और अब गांवों की ओर बढ़ रहा है। हालांकि अभी किसी विद्यालय में पानी नहीं पहुंचा है और न ही किसी गांव से पलायन की सूचना है।

राघोपुर जमींदारी बांध के अपस्ट्रीम में 30 मीटर तक फिर भीषण कटाव

खरीक प्रखंड के राघोपुर जमींदारी बांध पर गंगा का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। देर रात बांध के अपस्ट्रीम हिस्से में करीब 30 मीटर क्षेत्र में एक बार फिर भीषण कटाव शुरू हो गया। कटाव तेज होने से बांध की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है। इससे आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत और चिंता का माहौल है।

जल संसाधन विभाग की टीम सक्रिय 

कटाव की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। टीम बांध की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज दबाव के बीच नए सिरे से कटाव शुरू होने से विभाग की चुनौती बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

इधर, गंगा में नाव पलटने की घटना के बाद लापता नाविक और मजदूर की तलाश जारी है। स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन और संबंधित टीम नदी में खोज अभियान चला रही है। देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। नाव पलटने की घटना और बांध पर लगातार बढ़ते दबाव ने क्षेत्र के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने बांध की लगातार निगरानी और कटावरोधी कार्य में तेजी लाने की मांग की है।

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