भागलपुर में गंगा का जलस्तर हुआ स्थिर, फिर भी मंडरा रहा बाढ़ का खतरा; निचले इलाकों में घुसा पानी
भागलपुर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे से स्थिर है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से 16 ...और पढ़ें

भागलपुर में गंगा का जलस्तर हुआ स्थि
HighLights
गंगा का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर, खतरे के करीब।
निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा, जनजीवन प्रभावित।
राघोपुर में तटबंध कटाव जारी, हाईलेवल स्टेशन खतरे में।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे से स्थिर है। गुरुवार सुबह छह बजे भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.52 मीटर दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार सुबह छह बजे तक यथावत रहा। हालांकि जलस्तर में फिलहाल वृद्धि नहीं होने से राहत की उम्मीद जगी है और घटने का ट्रेंड बन रहा है, लेकिन गंगा अभी भी लबालब है। खतरे का निशान 33.68 मीटर है।
ऐसे में नदी खतरे के निशान से महज 16 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। शहर और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी घरों और आवासीय परिसरों के आसपास जमा है। इससे लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।
रात से बाढ़ का पानी स्थिर
नाथनगर क्षेत्र में गुरुवार दिन में बढ़ने के बाद रात से बाढ़ का पानी स्थिर बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार फिलहाल पानी नहीं बढ़ रहा है। कहलगांव क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी घटने लगा है, हालांकि इसकी रफ्तार काफी धीमी है।
अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में भी गुरुवार देर रात से गंगा का जलस्तर स्थिर होने के बाद तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। इसके बावजूद यहां गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
दियारा में खेतों तक पहुंचा पानी
पीरपैंती के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी खेतों में फैल रहा है। अभी किसी गांव या विद्यालय में पानी पहुंचने की सूचना नहीं है। चौखंडी पुल के समीप ढाब में पानी भर जाने से इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है।
नवगछिया के इस्माईलपुर, गोपालपुर सहित गंगा-कोसी के आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर घटने लगा है। निचले इलाकों में पानी फैलने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पशुपालक मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। खेतों में लगी सब्जियों समेत अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
राघोपुर में कटाव से हाईलेवल स्टेशन पर खतरा
खरीक क्षेत्र में राघोपुर जमींदारी तटबंध पर गंगा का कटाव लगातार जारी है। जलस्तर स्थिर होने के बावजूद नदी की तेज धारा तटबंध और आसपास के इलाकों के लिए खतरा बनी हुई है। अंग्रेजों के समय से गंगा तट के सबसे ऊंचे स्थान के रूप में प्रसिद्ध हाईलेवल रेलवे स्टेशन भी अब कटाव की जद में आने लगा है। कटाव बढ़ने से शंकरपुर, अलालपुर समेत राघोपुर पंचायत के कई टोले खतरे के मुहाने पर पहुंच गए हैं।
कटाव प्रभावित हिस्से में बोरियों और अन्य सामग्री से बचाव कार्य किया जा रहा है। मौके पर नावों के साथ स्थानीय लोग निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने संवेदनशील हिस्सों में कटावरोधी कार्य तेज करने की मांग की है। जलस्तर स्थिर होने के बावजूद कटाव जारी रहना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
