रेलवे बोर्ड का फैसला : AC ट्रेनों में RAC टिकट पर सफर करने वालों के लिए गुड न्यूज; भेदभाव करने पर कार्रवाई
रेलवे बोर्ड ने एसी कोचों में आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को पूरा बेडरोल किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह फैसला यात्रियों की शिकायत ...और पढ़ें

एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी श्रेणियों के RAC यात्रियों को मिलेगी चादर, कंबल व तकिया की पूरी किट
HighLights
एसी कोच में आरएसी यात्रियों को मिलेगा पूरा बेडरोल।
चादर, कंबल, तकिया, तौलिया किट में शामिल होंगे।
रेलवे बोर्ड ने शिकायतों के बाद जारी किए सख्त निर्देश।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भारतीय रेलवे की ट्रेनों के एसी कोचों में आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने एसी श्रेणी (एसी चेयर कार को छोड़कर) में आरएसी टिकट पर सफर करने वाले प्रत्येक यात्री को अन्य कन्फर्म यात्रियों की तरह पूरा बेडरोल किट (Bedroll Kit) उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
रेलवे बोर्ड द्वारा पूर्व रेलवे सहित सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (GMs) को भेजे गए निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि आरएसी यात्रियों को बेडरोल नहीं मिलने या अधूरा सामान दिए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड ने पूर्व में जारी आदेशों को दोहराते हुए कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
कोई भेदभाव नहीं, प्रत्येक RAC यात्री का हक
रेलवे बोर्ड में पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन के निदेशक लव शुक्ला द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि:
किट में क्या मिलेगा: एसी कोचों के प्रत्येक आरएसी यात्री को चादर, कंबल, तकिया और तौलिया सहित पूरा बेडरोल सेट दिया जाएगा।
समान अधिकार: सुविधाओं के मामले में आरएसी यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। वे अन्य वैध यात्रियों की तरह ही पूरी सुविधाओं के हकदार होंगे।
IRCTC को निर्देश: बोर्ड ने संबंधित रेल अधिकारियों, कर्मचारियों और आईआरसीटीसी (IRCTC) सहित सभी संबद्ध विभागों को आदेश का तत्काल प्रभाव से कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।
पुराने आदेशों की दिलाई याद
निदेशक ने सभी जोनल रेलवे को 18 दिसंबर 2023, 12 दिसंबर 2017 और 16 नवंबर 2016 को जारी किए गए पुराने सर्कुलर की भी याद दिलाई है, जिनमें आरएसी यात्रियों को बेडरोल देने का स्पष्ट उल्लेख था। इस नए आदेश के लागू होने से एसी कोच में सफर करने वाले लाखों आरएसी यात्रियों को सहूलियत होगी और उन्हें बेडरोल के लिए बार-बार शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।