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    मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली, दरगाह पोखर को कब्रिस्तान पोखर नाम देकर पांच बार निकाले पैसे

    Updated: Sat, 13 Dec 2025 01:21 PM (IST)

    भागलपुर के पिथना पंचायत में मनरेगा कार्यों में धांधली का मामला सामने आया है। दरगाह पोखर को कब्रिस्तान पोखर बताकर पांच बार योजनाएं चलाकर सरकारी धन का द ...और पढ़ें

    मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली

    मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली

    HighLights

    1. दरगाह पोखर को कब्रिस्तान पोखर बताकर धांधली

    2. मनरेगा नियमों का उल्लंघन कर घोटाला

    3. अधिकारियों द्वारा मामले को टालने का प्रयास

    जीतेंद्र कुमार, गोराडीह। पिथना पंचायत में मनरेगा के कार्य में नियमों की अनदेखी की जा रही है। विभाग को आंख में धूल झोंकने के लिए कुरूडी गांव स्थित दरगाह पोखर को कब्रिस्तान पोखर नाम देकर इस पर पांच-पांच बार योजनाएं चला कर सरकारी राजस्व को चूना लगाया गया है। आधी राशि की निकासी भी कर ली गई है। 

    पोखर में कराया गया धोबिया घाट का निर्माण कार्य इसका जीता-जागता उदाहरण है। बताते चलें कि पहले दरगाह पोखर में एक स्थल पर तीन योजनाएं चलाई गई। जिसमें उत्तर साइड धोबी घाट का निर्माण किया गया। 

    पूरब की तरफ सीढ़ी घाट का निर्माण

    दूसरी योजना के तहत पूरब की तरफ सीढ़ी घाट का निर्माण कराया गया। इसी पोखर पर उड़ाही कार्य योजना के तहत भी कार्य कर दिया गया है। इ

    सी तरह कब्रिस्तान पोखर नाम देकर फिर सीढ़ी घाट निर्माण योजना भी चलाई गई। दक्षिण की तरफ सीढ़ी घाट का निर्माण कराया गया। कागजी घोड़े दौरा कर योजना में खूब धांधली की गई है। हैरत इस बात कही है कि जिम्मेदार भी इस बात से किनारा कर रहे हैं।

    एक स्थल पर पांच वर्ष में सिर्फ एक योजना 

    जानकारों के मुताबिक मनरेगा नियमों के अनुसार 5 वर्ष में एक स्थल पर एक ही योजना चलाई जा सकती है। इस जगह पर तीन वर्ष के अंदर दरगाह पोखर पर तीन योजनाएं और कब्रिस्तान पोखर नाम पर दो योजनाएं संचालित की गई। 

    मनमाने ढंग से मनरेगा योजना में क्रियान्वयन

    ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के कार्य में संबंधित जनप्रतिनिधि, पंचायत रोजगार सेवक, लेखापाल और कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा मनमाने ढंग से मनरेगा योजना में क्रियान्वयन किया जा रहा है। ऐसे कई मामले हो सकते हैं। 

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    इस संबंध में कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार ने मामले को टालते हुए कहा कि अगर कार्य पूरा कर लिया गया है, तो कोई बात नहीं है। फिर भी मामले को देखेंगे।