यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhagalpur News: बिहार-झारखंड को जोड़ेगी यह नई रेललाइन, दूरी हो जाएगी कम; समय की भी होगी बचत
गोड्डा-पीरपैंती नई रेल लाइन बिछाने का काम तेज़ी से चल रहा है। साल 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इस योजना के पूरा होने पर भागलपुर से ट्रेन संचालन ...और पढ़ें

HighLights
- 70 प्रतिशत से अधिक हो चुका जमीन अधिग्रहण, मई तक कार्रवाई पूरी होने की उम्मीद
- साल 2027 तक योजना पूरी करने का लक्ष्य, ट्रेन संचालन के लिए तीसरा रूट हो जाएगा तैयार
जागरण संवाददाता, भागलपुर। गोड्डा-पीरपैंती नई रेललाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अगस्त तक काम शुरू करने की योजना के तहत शुक्रवार को पूर्व रेलवे के चीफ एमिनिस्ट्रेटिव अकाउंट्स आफिसर (सीएओ) पीके शर्मा ने स्थल का निरीक्षण किया।
2027 तक योजना पूर्ण करने का लक्ष्य
सीएओ के रिपोर्ट के बाद टेंडर की जाएगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार इस योजना के पूरी होने पर भागलपुर से ट्रेन संचालन के लिए तीसरा रूट तैयार हो जाएगा। साल 2027 तक योजना पूरी करने की लक्ष्य को लेकर इस पर काम किया जा रहा है।
महगामा से पीरपैंती के बीच बनने वाली रेललाइन के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। पहले फेज में गोड्डा से महगामा और दूसरे फेज में महगामा से मेहरमा पीरपैंती के बीच रेललाइन बिछाने का होगा।
भूमि अधिग्रहण पर खर्च
भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। गोड्डा से महगामा तक 26 किमी, महगामा से मेहरमा तक 21 और मेहरमा से पीरपैंती तक 10 किलोमीटर रेललाइन बिछेगी।
भू-अर्जन पर 282 करोड़ रुपये खर्च आएगा। जिसमें पीरपैंती से मेहरमा तक पीरपैंती के पांच मौजा मझरोही, परसबन्ना, फरीदपुर, रिफातपुर व प्यालापुर में जमीन का अधिग्रहण होगा।
जिसपर 42 करोड़ रुपये रैयतों को मुआवजा राशि का भुगतान होगा। 70 प्रतिशत से अधिक भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। मई तक कार्रवाई पूरी होने की उम्मीद है।
इस रेललाइन के बनने से तीसरा रूट तैयार हो जाएगा। बाढ़, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक परिस्थिति में इस रूट पर ट्रेनों को डायवर्ट कर परिचालन किया जा सकेगा।
इससे आक्समिक परिस्थिति में ट्रेनों के परिचालन पर असर नहीं पड़ेगा। गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। रेललाइनों की जाल बिछने से यात्री सुविधा बढ़ेगी।
सबौर-जगदीशपुर बाईपास रेल लाइन
इधर, सबौर से जगदीशपुर के गोनूधाम के बीच 14 किलोमीटर के रेल बाइपास सिंग्ल रेललाइन के तर्ज पर कराया जाना है। इस नए ट्रैक की स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की होनी है।
इस नई रेललाइन के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेलवे बोर्ड को भेजे प्रस्ताव में इस बात जिक्र है कि वाई-तेग की तर्ज पर बनने वाले इस ट्रैक से सन्हौता, जगदीशपुर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा।
ये नया ट्रैक सबौर से गोनूधाम तक बनाया जाएगा। वाई लेग बन जाने के बाद गानूधाम स्टेशन के रूप में विकसित हो जाएगा। जबकि जगदीशपुर हाल्ट के पास न्यू भागलपुर स्टेशन बनेगा।
डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। डीपीआर को मंजूरी मिलने पर निविदा की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस जंक्शन के बनने के बाद भागलपुर जंक्शन के बजाय जगदीशपुर से लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की योजना है।