भागलपुर का 'पावर-बूस्टर': पीरपैंती में बनेगा 400 KV का नया ग्रिड, 3 लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत
पीरपैंती में 160 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 400 केवी पावर ग्रिड सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की मंजूरी के अंतिम चरण में है। यह ग्रिड पीरपैंती क ...और पढ़ें

पीरपैंती में बनेगा 400 KV का नया ग्रिड, 3 लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत
HighLights
पीरपैंती 400 केवी पावर ग्रिड मंजूरी के अंतिम चरण में।
160 करोड़ की लागत से 36 एकड़ भूमि पर निर्माण।
3.34 लाख आबादी को मिलेगी निर्बाध बिजली आपूर्ति।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। पीरपैंती में 400 केवी क्षमता का हाईयर वोल्टेज पावर ग्रिड बनाने की योजना मंजूरी के अंतिम चरण में है। ग्रिड का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही 160 करोड़ रुपये की लागत से 36 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
पीरपैंती पावर ग्रिड बनने से कहलगांव ग्रिड का लोड कम होगा और पीरपैंती प्रखंड की 29 पंचायतों की करीब 3.34 लाख आबादी को अधिक भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।
वर्तमान में पीरपैंती को कहलगांव ग्रिड से बिजली मिलती है, जबकि भविष्य में 2400 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी संयंत्र से सीधे ग्रिड को बिजली आपूर्ति होगी।
ग्रिड में 50-50 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और इसे 1.32 लाख वोल्ट संचरण लाइन के माध्यम से एनटीपीसी से जोड़ा जाएगा। इस श्रेणी का ग्रिड फिलहाल बख्तियारपुर में संचालित है और छपरा में निर्माणाधीन है। पीरपैंती तीसरा ऐसा केंद्र होगा।
पांच उपकेंद्र होने से घटेगी ट्रिपिंग
पीरपैंती में अभी पीरपैंती, इशीपुर बाराहाट और गोविंदपुर विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं। बरमसिया और विक्रमशिला में दो नए उपकेंद्रों का निर्माण जारी है, जिनके इसी वर्ष चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद क्षेत्र में उपकेंद्रों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी।
नए उपकेंद्र शुरू होने से मौजूदा उपकेंद्रों का लोड कम होगा। इससे लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी। साथ ही छोटी फीडर लाइन होने से फॉल्ट का पता लगाने और आपूर्ति बहाल करने में कम समय लगेगा।
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संचरण विभाग के कार्यपालक अभियंता रवि कुमार रौशन ने बताया कि पीरपैंती ग्रिड चालू होने के बाद किसी एक ग्रिड में फाल्ट आने पर अन्य ग्रिडों की बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। सभी ग्रिड 33 हजार वोल्ट लाइन से आपस में जुड़े रहेंगे, जिससे वैकल्पिक आपूर्ति संभव होगी। उन्होंने कहा कि सीईए से मंजूरी मिलते ही ग्रिड निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
इधर, भागलपुर शहर में स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर प्रस्तावित बरारी ग्रिड के लिए भी जमीन आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। प्रमंडलीय आयुक्त ने इस संबंध में राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। जमीन मिलने के बाद वहां भी निर्माण कार्य शुरू होगा।