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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Srijan Scam: रजनी प्रिया के साहिबाबाद के फ्लैट में ऐसे गुजरते थे दिन, बेटे और घरेलू सहायक को साथ ले गई बहन

    By Jagran NewsEdited By: Prateek Jain
    Updated: Sat, 12 Aug 2023 11:07 PM (IST)

    बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले की आरोपित रजनी प्रिया को गुरुवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर ले जाने के बाद राजेंद्र नगर सेक्टर-पांच के वेद एन्क्लेव 6 ...और पढ़ें

    रजनी प्रिया की गिरफ्तारी के बाद बहन उसके बेटे और घरेलू सहायक को ले गई। (रजनी प्र‍िया की फाइल फोटो)
    रजनी प्रिया की गिरफ्तारी के बाद बहन उसके बेटे और घरेलू सहायक को ले गई। (रजनी प्र‍िया की फाइल फोटो)

    HighLights

    1. साहिबाबाद के फ्लैट में लटका मिला ताला
    2. मोहिनी मोहन के नाम से गाजियाबाद नगर निगम में पंजीकृत है फ्लैट

    प्रभात पांडेय, साहिबाबाद: बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले की आरोपित रजनी प्रिया को गुरुवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर ले जाने के बाद राजेंद्र नगर सेक्टर-पांच के वेद एन्क्लेव 69 अपार्टमेंट के उसके फ्लैट से बेटे और घरेलू सहायक को उसकी बहन अपने साथ लेकर चली गई। शुक्रवार को फ्लैट बंद रहा।

    फ्लैट मोहिनी मोहन के नाम से गाजियाबाद नगर निगम में पंजीकृत है। स्थानीय पुलिस अभी इस मामले में कोई छानबीन नहीं कर रही है। स्थानीय लोगों से पता चला कि रजनी यहां पर करीब 12 साल के बेटे और बेटे की ही उम्र के घरेलू सहायक के साथ रहती थी।

    बेटे के पैर में कुछ दिक्कत थी। वह पढ़ने के लिए स्कूल नहीं जाता था। वह अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकलता था। यदि कभी निकल भी गया तो छत पर चला जाता था। कुछ देर बाद ही रजनी उसे अपने साथ ले जाती थी।

    रजनी बेटे को अपने साथ लेकर बाल कटवाने या सामान लेने के लिए पास की दुकान पर जाती थी। दूध वाला घर पर ही आता था। रजनी आते-जाते बीच में मिलने वाले अपार्टमेंट के लोगों से बातचीत नहीं करती थी।

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    बिल्डिंग में हैं 16 फ्लैट

    राजेंद्र नगर सेक्टर-पांच का वेद एन्क्लेव 69 अपार्टमेंट चार मंजिला है। इसमें कुल 16 फ्लैट हैं। रजनी प्रिया तीसरी मंजिल के फ्लैट संख्या- एमएस-12 में रहती थी। यह फ्लैट मोहिनी मोहन के नाम से गाजियाबाद नगर निगम में पंजीकृत है। इसका वर्ष-2023-24 में 2005.22 रुपये संपत्ति कर बकाया है।

    नाम भी नहीं जानते थे लोग 

    लोग रजनी प्रिया का नाम तक नहीं जानते थे। कई बार लोगों ने पूछने का प्रयास किया, लेकिन वह टालमटोल कर देती थी। कई बार उनसे फ्लैट के मालिक का नाम और नंबर जानने की कोशिश की, लेकिन उसने नहीं बताया। लोग खुद ही प्रयास कर रहे हैं कि फ्लैट मालिक के बारे में जानकारी मिल जाए, जिससे वह उनसे संपर्क कर सकें।

    एक महिला का था आना-जाना 

    एक महिला का रजनी के फ्लैट पर आना जाना था, जिसको वह अपनी बहन बताती थी। कोरोनाकाल के बाद एक व्यक्ति उनके फ्लैट पर कुछ दिन के लिए आया था। कुछ दिन बाद वह चला गया। रजनी उसे अपना देवर बताती थी। लोगों ने उससे बातचीत करने का प्रयास किया तो उसने नजरअंदाज कर दिया था।

    नहीं था कोई वाहन 

    रजनी प्रिया के पास कोई अपना निजी वाहन जैसे कार, स्कूटी, बाइक आदि नहीं थी। वह कभी बाहर जाती थी तो कैब से ही आती-जाती थी। आसपास ही जाकर सामान खरीद कर आती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह ज्यादा समय के लिए कहीं जाती नहीं थी। अधिकांश समय फ्लैट में ही रहती थी।

    2200 करोड़ रुपये के घोटाले में रजनी प्रिया की अदालत में पेशी, 21 तक के लिए जेल

    जागरण संवाददाता, पटना: अरबों रुपये के सृजन घोटाला मामले में आरोपित रजनी प्रिया को शुक्रवार को सीबीआई के प्रभारी जज महेश प्रसाद की अदालत में सीबीआई की टीम ने पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में लेते हुए 21 अगस्त तक के लिए केंद्रीय कारा बेउर जेल भेज दिया।

    सीबीआई की टीम ने आरोपित को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला के साहिबाबाद से गिरफ्तार किया था। आरोपित को आरसी केस संख्या 14ए/17 में गिरफ्तार किया है।

    रजनी प्रिया व पति अमित कुमार फरार चल रहे थे। सृजन घोटाले में सीबीआई ने लगभग 30 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं, जिसमें दो दर्जन से अधिक मामले में रजनी प्रिया वांछित थी।

    गिरफ्तारी के दिन व्रत पर थी रजनी प्र‍िया, सीबीआई के अफसरों ने फलाहार कराया

    आरोपित के अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया कि रजनी प्रिया जिन मामलों में आरोपित है, अगली तारीख को उन मामलों में आवेदन देकर उपस्थित करा दिया जाएगा।

    विशेष कोर्ट में पेशी के दौरान रजनी प्रिया ने बताया कि सीबीआई ने उसे गुरुवार की सुबह साढ़े आठ बजे गिरफ्तार किया था। वह व्रत की हुई थी। सीबीआई के अफसरों ने फलाहार कराया। शुक्रवार को सुबह नाश्ता दिया। वह सीबीआई के व्यवहार से खुश दिखी।