सुल्तानगंज फिर से बने अजगैवीनाथ धाम, पौराणिक नगरी का नाम बदलने की उठ रही मांग
स्थानीय लोग सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैवीनाथ धाम करने की मांग कर रहे हैं, ताकि इसकी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान बहाल हो सके। ...और पढ़ें

अजगैबीनाथ धाम
HighLights
सुल्तानगंज का नाम अजगैवीनाथ धाम करने की मांग।
शहर की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान बहाल करने का उद्देश्य।
आक्रमणकारियों द्वारा मूल संस्कृति को नुकसान पहुँचाने का तर्क।
संवाद सूत्र, अजगैवीनाथ धाम। अजगैवीनाथ धाम अंग क्षेत्र के सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास और संस्कार का प्राचीर है। यह विशेषता इसे शिव की प्रसिद्ध नगरी बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम से सीधे जोड़ता है।
निर्विवाद रूप से कहा जा सकता है कि इस शहर को आक्रमणकारियों ने छिन्न-भिन्न किया है और इसकी प्राचीन संस्कृति को घायल किया है। इतिहास केवल एक घटनाक्रम नहीं बल्कि घटनाओं का फलाफल होता है। ऐसे ही घटनाक्रम के फलस्वरूप आज यह धार्मिक शहर सुल्तानगंज कहलाता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जब कभी परिवर्तन से इस शहर का नाम बदल गया है तो अब भी उसी परिवर्तनकारी परिस्थितियों के आलोक में बिना किसी धार्मिक भेदभाव के इस पवित्र पौराणिक स्थल का नाम निश्चित ही अजगैवीनाथ धाम किया जाना चाहिए जिससे इसकी प्राचीनता पुनर्स्थापित हो सके।
सुल्तानगंज को अजगैवीनाथ धाम नाम के रूप में परिवर्तित करने से यह कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। यह हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और इसका अत्यधिक धार्मिक महत्व है। यह पवित्र नदी गंगा के तट पर स्थित है। चूंकि यहां प्रत्येक वर्ष भव्यता के साथ सावन मेला का आयोजन होता है जिसमें देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु आकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
शशिकांत पोद्दार, अजगैवीनाथ धाम
सुल्तानगंज का नाम परिवर्तित कर अजगैवीनाथ धाम करने का प्रस्ताव नगर परिषद् द्वारा पारित किया जा चुका है। अब इसके इंप्लीमेंट का समय आ गया है। यह चूंकि बाबा अजगैवीनाथ धाम से विश्व विख्यात है। देश-विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचता है। इसलिए यह निर्णय कई मायनों में इस क्षेत्र के लोगों के लिए नये अवसर प्रदान करेंगे।
रमेश कुमार शर्मा, समाजसेवी, अजगैवीनाथ धाम