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    TMBU का कड़ा फैसला : नौकरी के साथ फुल टाइम PhD करने वालों का रजिस्ट्रेशन होगा रद, डिजिटल पोर्टल को हरी झंडी

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 10:34 AM (IST)

    तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) ने पीएचडी रेगुलेशन-2016 को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत नौकरी के साथ फुल टाइम पीएचडी करने वा ...और पढ़ें

    TMBU में एक महीने के अंदर शुरू होगा परीक्षा पोर्टल, घर बैठे मिलेगी डिग्री और माइग्रेशन, कुलपति का आदेश

    TMBU में एक महीने के अंदर शुरू होगा परीक्षा पोर्टल, घर बैठे मिलेगी डिग्री और माइग्रेशन, कुलपति का आदेश

    HighLights

    1. पीएचडी रेगुलेशन-2016 अब सख्ती से लागू होगा।

    2. नौकरी के साथ फुल टाइम पीएचडी रद्द की जाएगी।

    3. परीक्षा विभाग का ऑनलाइन पोर्टल जल्द शुरू होगा।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय में पीएचडी रेगुलेशन-2016 को अब पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा, जिसके तहत फुल टाइम शोधार्थियों को नियमित उपस्थिति देनी होगी।

    लापरवाही पर रद होगी पीएचडी

    यह कड़ा निर्णय गुरुवार को प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में ऑनलाइन आयोजित की गई उच्च स्तरीय परीक्षा बोर्ड की बैठक में लिया गया। कुलपति ने स्पष्ट किया कि यदि कोई शोधार्थी नौकरी करने के साथ-साथ फुल टाइम पीएचडी करता पाया गया, तो उसकी शोध प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएगी।

    रोजाना दर्ज करानी होगी हाजिरी

    परीक्षा बोर्ड की इस अहम बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 20 महत्वपूर्ण एजेंडों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई है। प्रभारी कुलपति ने कहा कि सभी शोधार्थियों को प्रतिदिन अपने संबंधित विभाग में उपस्थित रहकर शोध कार्य की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से सौंपनी होगी।

    फर्जीवाड़े पर होगी कड़ी कार्रवाई

    विश्वविद्यालय प्रशासन को लगातार ऐसी गोपनीय शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग सरकारी या निजी नौकरी में रहते हुए भी फुल टाइम रिसर्च कर रहे हैं। ऐसे सभी संदेहास्पद मामलों में ठोस साक्ष्य या लिखित शिकायत मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन संबंधित छात्रों के खिलाफ सीधे कानूनी और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

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    परीक्षा विभाग का ऑनलाइन पोर्टल

    इसके साथ ही, बैठक में छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा विभाग के अत्याधुनिक ऑनलाइन पोर्टल को बहुत जल्द शुरू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा ने बताया कि आगामी एक महीने के भीतर इस डिजिटल पोर्टल को आम छात्रों के लिए पूरी तरह लाइव कर दिया जाएगा।

    घर बैठे मिलेंगी सारी सुविधाएं

    इस नए पोर्टल के चालू हो जाने से विद्यार्थियों को अंकपत्र (मार्क्सशीट), माइग्रेशन, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और मूल डिग्री के लिए परीक्षा विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ये सभी महत्वपूर्ण सेवाएं छात्रों को घर बैठे ऑनलाइन मिलेंगी, जिससे उनका समय बचेगा और वर्षों से लंबित पुराने टैबुलेशन रजिस्टर (टीआर) का भी डिजिटलीकरण होगा।

    उत्तरपुस्तिकाओं की होगी जल्द खरीद

    विश्वविद्यालय के पुराने और जर्जर हो रहे ऐतिहासिक टैबुलेशन रजिस्टरों को सुरक्षित रखने के लिए उनका डिजिटल बैकअप तैयार करने का भी फैसला लिया गया। बैठक के अंत में उत्तरपुस्तिकाओं (कॉपियों) की खरीद का मामला भी उठा, जिस पर अधिकारियों ने कहा कि लोकभवन से अनुमति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।