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    विक्रमशिला सेतु : भादो में बंद किया जाएगा बेली ब्रिज, उफनती गंगा में जानजोखिम के बीच सुरक्षा पर उठे कई बड़े सवाल

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 07:15 AM (IST)

    विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज को भादो माह में बंद कर पुनर्निर्माण शुरू करने की घोषणा से लाखों लोगों में चिंता बढ़ गई है। बरसात और उफनती गंगा के बी ...और पढ़ें

    विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज बंद।

    विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज बंद।

    HighLights

    1. भादो में बेली ब्रिज बंद होने से लाखों लोग चिंतित।

    2. उफनती गंगा में नावों से सफर की सुरक्षा पर सवाल।

    3. सुरक्षित वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की मांग तेज।

    संवाद सहयोगी, नवगछिया (भागलपुर)। विक्रमशिला सेतु पर बने अस्थायी बेली ब्रिज को भादो माह में बंद कर पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की घोषणा के बाद सीमांचल, कोसी और भागलपुर के लाखों लोगों की चिंता बढ़ गई है। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने 30 नवंबर तक सेतु को पूर्व स्थिति में बहाल करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन बरसात के चरम और उफनती गंगा के बीच आवागमन की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई है।

    नावों के सहारे जानलेवा सफर का डर

    बीते तीन मई को सेतु का स्लैब गंगा में गिरने के बाद कम जलस्तर में भी नावों पर क्षमता से अधिक भीड़, बीच धारा में इंजन फेल होने और कई बार एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू किए जाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में भादो के महीने में गंगा की तेज धारा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लोगों में भारी चिंता व्याप्त है।

    जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की मांग

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे पुल की शीघ्र मरम्मत के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि, उनका कहना है कि बेली ब्रिज बंद करने से पहले सरकार और प्रशासन को सुरक्षित व मजबूत वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

    • सुजीत कुमार सिंह (समाजसेवी सह उद्यमी): "पुल की मरम्मत जरूरी है, लेकिन भादो में नाव ही एकमात्र सहारा होगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बिना पुल बंद करना बेहद जोखिम भरा साबित होगा।"

    • राजेंद्र यादव (अध्यक्ष, आजाद हिंद मोर्चा): "रोजाना हजारों लोग भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही करते हैं। व्यापार प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त नावें और समयबद्ध परिचालन जरूरी है।"

    • समर्थ झा (समाजसेवी): "कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। प्रशासन को छात्रों के लिए विशेष परिवहन सुविधा देनी चाहिए।"

    • सोनू जायसवाल (समाजसेवी): "उफनती नदी में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। एसडीआरएफ, गोताखोर और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य है।"

    • प्रशांत भवेश कन्हैया (युवा प्रतिनिधि): "लोग मरम्मत का समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार पहले सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे, तभी बेली ब्रिज को बंद किया जाए।"

    सुरक्षित सफर के लिए प्रशासन से मुख्य मांगें:

    • बड़ी क्षमता वाले आधुनिक मोटरबोट का तुरंत संचालन शुरू हो।

    • यात्रियों के दबाव को देखते हुए पर्याप्त अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जाए।

    • घाटों पर 24 घंटे एसडीआरएफ, गोताखोरों और मेडिकल टीम की तैनाती रहे।

    • नाव पर सवार होने वाले सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य किया जाए।

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