विक्रमशिला पुल बंद : नवगछिया-भागलपुर फेरी सेवा ठप, अब सप्ताह में सिर्फ एक दिन, कारोबारियों की बढ़ीं मुश्किलें
विक्रमशिला पुल बंद होने के बाद नवगछिया-भागलपुर के कारोबारियों की फेरी सेवा से आवाजाही सीमित हो गई है। अब वे सप्ताह में केवल एक दिन यात्रा करते हैं, जि ...और पढ़ें

विक्रमशिला पुल बंद, कारोबारियों की फेरी सेवा पर लगा ग्रहण
HighLights
पुल बंद होने से फेरी सेवा पर निर्भरता बढ़ी।
कारोबारी अब सप्ताह में एक दिन ही यात्रा करते हैं।
माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला पुल पर तीन मई से आवाजाही बंद होने के बाद गंगा नदी में शुरू हुई फेरी सेवा से नवगछिया और भागलपुर के कारोबारियों की आवाजाही अब काफी सीमित हो गई है। शुरू में फेरी सेवा रोजाना संचालित हो रही थी, लेकिन अब कारोबारियों ने अपनी आवाजाही सप्ताह में केवल एक दिन कर दी है।
परिवहन व्यवसायियों, हार्डवेयर दुकानदारों और गल्ला व्यापारियों ने अपनी आवाजाही के नए रूटीन को अपनाया है। बाबा ट्रेवल्स के मालिक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि पुल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के कारण आवाजाही बंद होने के बाद नवगछिया से भागलपुर तक रोजाना आने-जाने वाले लोग अब सप्ताह में केवल एक दिन फेरी सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
हार्डवेयर कारोबारी मुहम्मद जावेद ने बताया कि पहले वह भागलपुर से नवगछिया, कुरसेला और कटिहार तक रोजाना यात्रा करते थे। लेकिन अब फेरी सेवा से रोजाना आवाजाही करना समय और मेहनत दोनों में काफी कठिन हो गया है। इसलिए उन्होंने अपनी आवाजाही सीमित कर दी है और केवल शनिवार को फेरी सेवा से यात्रा करते हैं। नाव से हाई लेवल घाट और वहां से ई-रिक्शा का इस्तेमाल करने में काफी समय लग जाता है। पहले अपने वाहन से पुल पार कर छह घंटे में काम निपटा लेते थे, लेकिन अब यह सुविधा नहीं है।
गल्ला कारोबारी अजय साह और मुहम्मद ताज ने बताया कि चार मई को उन्होंने पहली बार फेरी सेवा का इस्तेमाल किया। इसके बाद मंगलवार को ही वे यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनाज की ढुलाई करने में समस्या हो रही है। किसानों से अनाज खरीदने और उसकी नमी जाँचने के लिए उनका स्वयं जाना आवश्यक है, तभी अग्रिम राशि दी जा सकती है।
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विक्रमशिला पुल पर आवाजाही ठप होने के कारण कारोबारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। माल ढुलाई भी इस मार्ग से बंद हो गई है। दूसरे रास्तों से माल ढुलाई करना लागत और समय के हिसाब से घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
व्यवसायियों का कहना है कि पुल पर आवाजाही शुरू होने तक गंगा नदी में फेरी सेवा ही उनकी मुख्य साधन है। इससे उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों और व्यापार पर सीधा असर पड़ा है। कारोबारियों ने नगर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पुल के मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने और फेरी सेवा सुचारू करने की मांग की है, ताकि उनकी आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां सामान्य हो सकें।