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भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से काम शुरू करेगी BRO, काम के दौरान गंगा में चलेंगे नाव-क्रूज

Published: Fri, 25 Sep 2026 10:44 PM (IST)

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग का कार्य 1 अक्टूबर से शुरू होगा, जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है।

विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन के लिए तैयार स्टील गर्डर। (जागरण)

विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन के लिए तैयार स्टील गर्डर। (जागरण)

HighLights

  1. बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग 1 अक्टूबर से होगी शुरू।

  2. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 80 सदस्यीय टीम पहुंची।

  3. सुरक्षा व वैकल्पिक जलमार्ग व्यवस्था की गई सुनिश्चित।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य की तैयारी तेज हो गई है। सेतु पर वर्तमान में स्थापित बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग का कार्य एक अक्टूबर से शुरू होगा।

इस कार्य को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम अंजाम देगी। इसके लिए करीब 80 सदस्यों वाली टीम भागलपुर पहुंच गई।

कार्य के दौरान सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता ने जिला पदाधिकारी को भेजे पत्र में बताया है कि बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग के बाद विक्रमशिला सेतु का स्थायी पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य कराया जाना है।

कार्य को सुरक्षित और निर्बाध तरीके से पूरा कराने के लिए चिकित्सक, एंबुलेंस, पेयजल, शौचालय, आवास, सुरक्षा व्यवस्था और एसडीआरएफ की स्पीड बोट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

नौका-क्रूज के लिए गठित हुई जांच समिति

विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य के दौरान सड़क मार्ग प्रभावित रहने की स्थिति में यात्रियों के लिए गंगा के जलमार्ग का इस्तेमाल किया जाना है। इसके लिए कई संवेदकों ने नौका और क्रूज के संचालन को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन दिया है।

इनमें जिरिया प्राइवेट लिमिटेड, पंकज कुमार सिंह, जुमान कुमार, हिमांशु फ्यूल सेंटर, गौरी नारायण जन उत्थान प्राइवेट लिमिटेड और मिथिलेश कुमार सिंह शामिल हैं।

आवेदनों में बताई गई नौका-क्रूज की क्षमता और संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है।

अपर जिला परिवहन पदाधिकारी अमित कुमार को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। समिति में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के कार्यालय प्रभारी आरके सिंह सोलंकी, मोटर यान निरीक्षक राजू कुमार और मोटर यान निरीक्षक राजीव रंजन शामिल हैं।

समिति को तीन दिनों के अंदर जांच कर स्पष्ट मंतव्य के साथ रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि बेली ब्रिज की डी-लान्चिंग और इसके बाद होने वाला स्थायी पुनर्स्थापन कार्य सुरक्षित तरीके से शुरू कराया जा सके।

दोनों छोरों पर तैनात रहेगा पुलिस बल

जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सेतु के दोनों छोरों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।

भागलपुर और नवगछिया अनुमंडल प्रशासन के साथ पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। डी-लॉन्चिंग के दौरान किसी तरह की बाधा न हो, इसके लिए आवश्यक इंतजाम पहले से किए जाएंगे। बीआरओ अधिकारियों के लिए सर्किट हाउस में चार कमरों की व्यवस्था की जाएगी।

कर्मचारियों के आवासन के लिए शेल्टर हाउस उपलब्ध कराया जाएगा। 30 सितंबर से कार्य समाप्ति तक दो पानी के टैंकर की व्यवस्था लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग करेगा।

अस्थायी अथवा मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी की जाएगी। सिविल सर्जन को एक चिकित्सक और एंबुलेंस की तैनाती का निर्देश दिया गया है। वहीं, आपदा प्रबंधन शाखा को एक एसडीआरएफ स्पीड बोट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

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