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    Vikramshila Setu Update: बेली ब्रिज का लोड टेस्ट कल, 170 फीट वाले मेन पुल पर सबकी निगाहें; NOC के बाद ही आवागमन

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 02:24 AM (IST)

    विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज का लोड टेस्ट शुक्रवार को होगा, जिसमें 170 फीट लंबे मुख्य बेली ब्रिज पर विशेष ध्यान रहेगा। सफल परीक्षण और एनओसी के बा ...और पढ़ें

    बेली ब्रिज पर कल होगा लोड टेस्ट। फोटो जागरण

    बेली ब्रिज पर कल होगा लोड टेस्ट। फोटो जागरण

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    ललन तिवारी, भागलपुर। Vikramshila Setu पर तैयार बेली ब्रिज अब अपनी अंतिम परीक्षा की दहलीज पर है। इनका लोड टेस्ट शुक्रवार को होगा। पुल पर चार बेली ब्रिज बनाए गए हैं, लेकिन सबसे अधिक निगाहें ध्वस्त हिस्से पर बने 170 फीट लंबे मुख्य बेली ब्रिज की परीक्षा पर टिकी हैं।

    विशेषज्ञों की टीम स्थिर और गतिशील भार परीक्षण के जरिए इसकी मजबूती, स्थायित्व और भार वहन क्षमता का आकलन करेगी। परीक्षण रिपोर्ट संतोषजनक रहने और एनओसी मिलने के बाद ही सेतु को आम लोगों के आवागमन के लिए खोला जाएगा।

    जानकारों के मुताबिक, परीक्षण चारों बेली ब्रिज का पूरी गहराई और गंभीरता से किया जाएगा, पर 170 फीट वाले पहले बेली ब्रिज के प्रदर्शन पर मुख्य फोकस रहेगा।

    यह स्पैन सीधे उस स्थान पर बनाया गया है, जहां 34 मीटर लंबा स्थाई स्लैब ध्वस्त होकर गंगा में समा गया था और विक्रमशिला सेतु दो हिस्सों में बंट गया था। इसके विपरीत अन्य तीन बेली ब्रिज के नीचे मूल सेतु का स्लैब मौजूद है, जिसे अतिरिक्त सहारा माना जा रहा है।

    लोड टेस्ट में आइआइटी खड़गपुर, पटना और रुड़की के विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। इनके अलावा बीआरओ, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, एनएच तथा जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

    निर्माण एजेंसी पिछले कई दिनों से परीक्षण प्रक्रिया का अभ्यास कर रही है, ताकि औपचारिक लोड टेस्ट के दौरान सभी तकनीकी पहलुओं का सटीक आकलन किया जा सके।

    औपचारिक लोड टेस्ट से पहले मंगलवार रात बीआरओ ने करीब ढाई टन वजनी स्कार्पियो को मुख्य बेली ब्रिज से गुजारकर प्रारंभिक ट्रायल किया था। अधिकारियों के अनुसार यह परीक्षण सफल रहा, जिसके बाद विस्तृत लोड टेस्ट की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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    स्थिर व गतिशील भार पर सूक्ष्मता से होगा परीक्षण

    परीक्षण के दौरान अलग-अलग भार क्षमता वाले वाहनों को पुल से गुजारा जाएगा। इसके साथ कुछ वाहनों को निर्धारित समय तक पुल पर स्थिर खड़ा रखकर भी जांच की जाएगी। विशेषज्ञ पुल पर पड़ने वाले भार, कंपन, झुकाव और संरचनात्मक प्रतिक्रिया का सूक्ष्म अध्ययन करेंगे।

    तकनीकी जानकारों के अनुसार गतिशील भार के साथ-साथ स्थिर भार की स्थिति में भी पुल के व्यवहार का आकलन जरूरी होता है। संरचनात्मक क्षमता के आकलन के लिए अनेक अत्याधुनिक यंत्र उपलब्ध हैं, लेकिन परीक्षण के दौरान मुख्य रूप से स्ट्रेन गेज और डायल गेज का उपयोग किया जाएगा। ये दोनों उपकरण पुल की वास्तविक कार्यक्षमता और व्यवहार का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    स्ट्रेन गेज बताएगा कितना पड़ रहा दबाव

    स्ट्रेन गेज आकार में छोटा, लेकिन अत्यंत संवेदनशील उपकरण है। पुल के पैनल और ट्रस पर इसे लगाया जाएगा। वाहन पुल से गुजरेंगे तो स्टील संरचना में उत्पन्न होने वाले कंप्रेशन (संपीड़न), एलान्गेशन (प्रसारण) तथा तनाव को यह उपकरण मापेगा।

    इससे यह पता चल सकेगा कि भार पड़ने पर स्टील संरचना कितनी सुरक्षित सीमा के भीतर कार्य कर रही है और कहीं किसी हिस्से पर असामान्य दबाव तो नहीं बन रहा।

    डायल गेज से मापा जाएगा पुल का झुकाव

    डायल गेज को पुल के निचले हिस्से, विशेषकर मध्य स्पैन के नीचे स्थापित किया जाएगा। भारी वाहनों के गुजरने अथवा खड़े रहने की स्थिति में यह उपकरण पुल के झुकाव को मापेगा। यह उपकरण भारी वाहनों के गुजरने या खड़े रहने की स्थिति में पुल के नीचे की ओर झुकाव (डिफ्लेक्शन) को मापेगा।

    बेली ब्रिज के निचले भाग में स्थित मध्य एवं किनारे की लोहे की पट्टियों पर इसे स्थापित कर सूक्ष्म स्तर पर आंकड़े जुटाए जाएंगे। विशेषज्ञ आकलन करेंगे कि भार पड़ने पर पुल कितना नीचे झुकता है और वह झुकाव निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।

    तकनीकी ऑडिट टीम के सुझावों के अनुरूप विक्रमशिला सेतु पर अतिरिक्त सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। बेली ब्रिजों के बनने के बाद सेतु पर कई स्तरों पर तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण होंगे। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा। उम्मीद है कि सात जून तक आवागमन शुरू हो जाएगा। - ई. शैलेंद्र, पथ निर्माण मंत्री, बिहार

    सुरक्षा को देखते हुए सेतु पर प्रारंभिक चरण में वन-वे यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। केवल बाइक, आटो, एंबुलेंस और अन्य हल्के चारपहिया वाहनों को गुजरने की अनुमति मिलेगी, जबकि बसों और ट्रकों समेत भारी वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इसके लिए दोनों ओर चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। - पंकज कुमार पाल, सचिव, पथ निर्माण विभाग

    बेली ब्रिज पूरी तरह तैयार है। विशेषज्ञों की टीम परीक्षण करेगी और नो ऑब्जेक्शन मिलने के बाद ही पुल को आम लोगों के आवागमन के लिए समर्पित किया जाएगा। - डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर