भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की होगी स्कैनिंग, आईआईटी पटना करेगा मरम्मत की तैयारी
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की अब आईआईटी पटना की टीम मशीन आधारित तकनीकी जांच करेगी, ताकि क्षति की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। ...और पढ़ें

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की होगी स्कैनिंग, आईआईटी पटना करेगा मरम्मत की तैयारी (CMO/ANI)
HighLights
आईआईटी पटना करेगा विक्रमशिला सेतु की मशीन जांच।
क्षति का पता लगाने के लिए होगी विस्तृत स्कैनिंग।
छोटे वाहनों हेतु बनेगा अस्थायी बेली ब्रिज।
आलोक मिश्रा, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु की अब मशीन आधारित तकनीकी जांच करने की तैयारी है। आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम ने सेतु की विस्तृत जांच के लिए मशीन आधारित स्कैनिंग की सलाह दी है।
इस सुझाव पर सरकार ने गंभीरता से विचार करते हुए आईआईटी, पटना की ही टेक्निकल विंग को पुल की मशीनरी जांच की जिम्मेवारी दी है।
आईआईटी पटना की सहमति के बाद अब पूरे सेतु की वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। यह कदम इसलिए जरूरी है, ताकि क्षति की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और हर तरह की संरचनात्मक कमजोरी को परखा जा सके।
बताया गया कि तीन दिनों के अंदर आईआईटी पटना की टेक्निकल टीम अत्याधुनिक मशीनरी के साथ विक्रमशिला सेतु पर पहुंचेगी। इस मशीन की मदद से पूरे पुल का बारीकी से स्कैन किया जाएगा।
जांच से क्या पता चलेगा?
जांच के दौरान यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्लैब में किस प्रकार की समस्या है और किन हिस्सों में दरार या कमजोरी आई है।
यह तकनीक पारंपरिक निरीक्षण की तुलना में कहीं अधिक सटीक मानी जा रही है। जिससे अंदरुनी संरचनात्मक स्थिति का पूरा डेटा सामने आ सकेगा।
स्कैनिंग और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद आईआईटी पटना की टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सेतु के मरम्मत और सुधार की ठोस योजना बनाई जाएगी। जांच रिपोर्ट दो-तीन दिनों में सौपने की बताई जा रही है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार, मरम्मत को प्राथमिकता
एनएचएआइ अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जो भी कमजोरियां सामने आएंगी, उसकी प्राथमिकता तय कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। पथ निर्माण विभाग, पटना में विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में पटना आईआईटी और बीआरओ के विशेषज्ञों की सेतु जांच रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा के बाद पुल के प्रभावित स्पैन पर अस्थाई बेली ब्रिज निर्माण को मंजूरी दी गई। सचिव ने कहा, सेतु के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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इसकी उपयोगिता को देखते हुए बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की मदद ली जा रही है। कठिन इलाकों में तेजी से पुल निर्माण के लिए प्रसिद्ध बीआरओ जल्द ही भागलपुर विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण शुरू करेगा।
इसके लिए आवश्यक सामग्रियां भी जल्द मंगाई जाएगी। फिलहाल, इस पुल पर बेली ब्रिज से छोटे वाहनों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही बहाल करने की योजना है।
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