Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भागलपुर विक्रमशिला सेतु पर 28 सितंबर से हटेगा बेली ब्रिज, बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने तय की डेडलाइन

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 11:44 AM (IST)

    पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया। पुल से बेली ब् ...और पढ़ें

    HighLights

    1. मंत्री ने विक्रमशिला सेतु मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया।

    2. बेली ब्रिज हटाने का काम 28 सितंबर 2026 से शुरू होगा।

    3. पुल की मरम्मत 30 नवंबर 2026 तक पूरी होगी।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर सहित पूरे पूर्वी बिहार और सीमांचल को जोड़ने वाले ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन और महा-मरम्मति कार्य को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है।

    बिहार सरकार के माननीय पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेन्द्र ने सोमवार को गंगा नदी पर बने इस महासेतु का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर खुद सघन स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की जनप्रतिबद्धता को याद दिलाते हुए अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों की क्लास लगाई और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

    Vikramshila Setu Repair Bailey Bridge Removal Sept 28 2026 (1)

    30 नवंबर 2026 तक हर हाल में पुल चकाचक करने का सख्त अल्टीमेटम

    पथ निर्माण मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय आला अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुल की मरम्मति का पूरा काम हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य के प्रत्येक छोटे-बड़े चरण में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    मंत्री ने चेताया कि इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील महापरियोजना में किसी भी स्तर पर होने वाली कोई भी प्रशासनिक या तकनीकी लापरवाही और अनावश्यक देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।

    Vikramshila Setu Repair Bailey Bridge Removal Sept 28 2026 (3)

    28 सितंबर से शुरू होगी बेली ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया, तैयारियां तेज

    इस निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी और राहत भरी खबर देते हुए पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने बताया कि आगामी 28 सितंबर 2026 से पुल पर बने अस्थाई बेली ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    पुल के जीर्णोद्धार में जुटी मुख्य कार्यदायी एजेंसी 'सिंघला कंपनी' ने इस महा-ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बेली ब्रिज के ठीक नीचे विशेष सेटिंग और स्टेजिंग का काम भारी मशीनों से प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही, गंगा की तेज लहरों के बीच सेतु के निचले हिस्से में डिस्मेंटलिंग (तोड़ने के काम) के लिए स्टेजिंग का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है, जिससे आगे के पिलर मरम्मत को बुलेट ट्रेन जैसी गति मिलेगी।

    खबरें और भी

    BRO के साथ मिलकर बनेगा सुरक्षा घेरा

    मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी चरणों में इस लोहे के भारी-भरकम बेली ब्रिज को सुरक्षित रूप से क्रेन के जरिए हटाने के लिए देश की प्रतिष्ठित 'Border Roads Organisation' (BRO) के साथ प्रभावी समन्वय बनाया जाए।

    बीआरओ (BRO) के सेना के इंजीनियरों और विशेषज्ञों की सीधी देखरेख में सभी तकनीकी कार्यों को समयबद्ध और सुरक्षित ढंग से संपन्न करने पर समीक्षा बैठक में विशेष बल दिया गया। मंत्री ने कहा कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच जनसुविधा, सुरक्षित आवागमन और निर्बाध संपर्क व्यवस्था (कनेक्टिविटी) सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    काम पूरा होते ही भागलपुर और सीमांचल के करोड़ों लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

    उन्होंने इंजीनियरों को ताकीद की कि वे रोजाना साइट पर जाकर काम की लाइव निगरानी करें और सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप ही फाइनल टच दें। गौरतलब है कि इस महासेतु के पुनर्स्थापन और मरम्मत का यह जटिल कार्य पूर्ण होने के उपरांत विक्रमशिला सेतु पर सभी भारी और आम वाहनों का सुचारु एवं 100% सुरक्षित परिचालन शुरू हो जाएगा। इससे भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया सहित आसपास के आधा दर्जन जिलों के करोड़ों लोगों को रोजाना लगने वाले भीषण महाजाम के टॉर्चर से हमेशा-हमेशा के लिए बड़ी मुक्ति मिल जाएगी।

    यह भी पढ़ें- विक्रमशिला सेतु पर ₹90 करोड़ से होगा परमानेंट रिस्टोरेशन, एक बार फिर एक माह के लिए पूरी तरह बंद हो जाएगा ट्रैफिक