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    आरा-बैरिया फोरलेन सड़क परियोजना में तेजी, 20 गांवों के 5500 किसानों से ली जाएगी जमीन

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 11:37 PM (IST)

    आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीन फील्ड हाइवे परियोजना के लिए 20 गांवों के 5500 किसानों से 96 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। जिला प्रशासन ने मुआवजे में पारदर ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीन फील्ड हाइवे के लिए भूमि अधिग्रहण तेज।

    2. 20 गांवों के 5500 किसानों से 96 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।

    3. किसानों को उचित मुआवजा दिलाने पांच सदस्यीय समिति गठित।

    जागरण संवाददाता, आरा। आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीन फील्ड हाइवे परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। परियोजना के लिए करीब साढ़े पांच हजार किसानों से 96 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

    किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिलाने और अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला पदाधिकारी ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

    समिति का मुख्य दायित्व अधिग्रहित होने वाली जमीन की प्रकृति (किस्म) का निर्धारण करने के साथ उसका सही बाजार मूल्य तय करना होगा, ताकि किसी भी किसान को मुआवजे को लेकर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

    जिला प्रशासन के अनुसार, ग्रीन फील्ड फोरलेन के लिए आरा अंचल के 14 गांवों और बड़हरा अंचल के छह गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। कुल 20 गांवों की लगभग 96 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना के दायरे में आएगी। इनमें आरा अंचल की 51 हेक्टेयर तथा बड़हरा अंचल की 45 हेक्टेयर जमीन शामिल है।

    प्रारंभिक सर्वे और कागजी जांच के दौरान अनुमान लगाया गया है कि इस परियोजना के लिए लगभग साढ़े पांच हजार किसानों के जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। डीएम की ओर से गठित समिति के अध्यक्ष अपर समाहर्ता (राजस्व) बनाए गए हैं।

    समिति में उप विकास आयुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला सहायक निबंधक तथा आरा सदर डीसीएलआर को सदस्य बनाया गया है। यह समिति प्रत्येक भूखंड की किस्म, उपयोगिता और प्रचलित बाजार मूल्य का आकलन कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके आधार पर मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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    प्रशासन का मानना है कि जमीन की सही श्रेणी और मूल्य निर्धारण से अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी तथा किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे। साथ ही परियोजना के निर्माण में अनावश्यक विलंब और विवाद की संभावना भी कम होगी।

    जिला मुख्यालय स्तर पर भूमि अभिलेख, नक्शा, रजिस्टर और स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है, ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह त्रुटिरहित हो।

    ज्यादा रोजगार मिलने के साथ व्यावसायिक क्षेत्र में आएगी क्रांति

    आरा-बैरिया ग्रीन फील्ड फोरलेन को जिले की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके निर्माण से आरा शहर पर यातायात का दबाव कम होगा, रोजगार बढ़ने के साथ बैरिया और आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन अधिक सुगम बनेगा तथा माल परिवहन को नई गति मिलेगी।

    प्रशासनिक स्तर पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने से माना जा रहा है कि परियोजना के निर्माण का रास्ता जल्द साफ होगा और निर्धारित समयसीमा में कार्य शुरू कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

    परियोजना में तेजी के लिए पांच अफसरों की बनी टीम

    आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीन फील्ड हाइवे निर्माण तेजी से शुरू कराने के पहले किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस लिए जमीन अधिग्रहण में किसी भी प्रकार का विवाद ना हो या उसका तुरन्त निपटारा करने के लिए पांच अफसरों की टीम बनाई गई है। जो जमीन की किस्म और दर पर विशेष ध्यान रखेगी। -तनय सुल्तानिया डीएम भोजपुर