आरा-बलिया के बीच दूरी होगी कम, जेपी जयंती पर 1564 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का होगा शिलान्यास
आरा और बलिया को जोड़ने वाली 27 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना का शिलान्यास दशहरा से पहले अक्टूबर में होने की तैयारी है।

महुली घाट इसी पीपा पुल के पास बनेगा फोरलेन पक्का पुल। (जागरण)
HighLights
आरा-बलिया फोरलेन सड़क का शिलान्यास अक्टूबर में संभावित।
1564 करोड़ की परियोजना में महुली गंगा पर पुल भी।
जेपी जयंती 11 अक्टूबर को शिलान्यास की तैयारी।
जागरण संवाददाता, आरा। आरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-922 एवं बलिया में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जोड़ने वाली प्रस्तावित 27 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के शिलान्यास की तैयारी चल रही है।
1564 करोड़ रुपये से आरा और बलिया के बैरिया के बीच बनने वाली सड़क की निविदा जारी कर दी गई है और अक्टूबर में एजेंसी तय हो जाएगी। इसी बीच दशहरा से पूर्व अक्टूबर में ही सड़क का शिलान्यास करने की तैयारी हो रही है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती 11 अक्टूबर को शिलान्यास की संभावित तिथि रखी गई है।
परियोजना को तेज गति से बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण का सर्वे कार्य शुरू किया गया है। इसे लेकर भोजपुर और बलिया के जिलाधिकारी अपने क्षेत्र में बैठक भी कर चुके हैं।
अपने कार्यकाल में इस परियोजना को लेकर लोकसभा में सवाल उठाने वाने वाले बलिया के पूर्व सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने बातचीत के दौरान बताया कि 11 अक्टूबर को नवरात्र प्रारंभ हो रहा है और इसी दिन लोकनायक जेपी की जयंती है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सबसे पहले सिताब दियारा पहुंचेंगे। स्मारक स्थल पर माल्यार्पण के बाद बलिया जिले के कर्णछपरा के निकट स्थित जिनबाबा स्थान के पास शिलान्यास कार्यक्रम की जगह चिह्नित की गई है।
परियोजना को पटना, शाहाबाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क, गंगा पर पुल और प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी के विकसित होने से आरा, बलिया और छपरा के बीच सामाजिक एवं आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।
महुली गंगा घाट पर पक्के पुल से बदलेगी तस्वीर
प्रस्तावित परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को बिहार के राष्ट्रीय राजमार्ग-922 से कर्णछपरा के रास्ते जोड़ा जाना है। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा महुली गंगा घाट पर पक्के पुल का निर्माण माना जा रहा है।
गंगा पर पुल बनने के बाद आरा और बलिया के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित करने में बड़ी बाधा दूर हो सकेगी। आरा, बलिया और छपरा का संबंध केवल भौगोलिक नहीं है। तीनों क्षेत्रों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्ते रहे हैं।
गंगा पर स्थायी पुल के अभाव में इन क्षेत्रों के लोगों को आवागमन के लिए सीमित विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में सड़क और पुल परियोजना के पूरा होने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
