आरा-सासाराम हाईवे पर 'बांस के भरोसे' राहगीरों की जिंदगी, पानी के कटाव से भीतर से खोखली हुई सड़क
आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर चरपोखरी के पास पानी के कटाव से सड़क भीतर से खोखली हो गई है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में है। ...और पढ़ें

बांस के भरोसे राहगीरों की जिंदगी
HighLights
आरा-सासाराम हाईवे पर सड़क भीतर से खोखली हुई।
पानी के तेज बहाव से दो फीट किनारा टूटा।
बांस के बल्लों से अस्थायी मरम्मत जानलेवा साबित।
संवाद सूत्र, चरपोखरी (भोजपुर)। आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर सफर करने वाले राहगीरों की जिंदगी इन दिनों बांस के बल्लों के भरोसे लटकी हुई है। चरपोखरी थाना क्षेत्र के सरपोखरी एसके पेट्रोल पंप के समीप, हाईवे के पश्चिमी दिशा में जल निकासी के लिए बनी पुलिया के पास विभाग की एक ऐसी ही घोर लापरवाही सामने आई है।
यहां पानी के तेज बहाव और लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव के कारण सड़क का पश्चिमी किनारा लगभग दो फीट तक टूट कर धंस चुका है। इस जानलेवा बन चुके कटाव को रोकने के लिए विभाग द्वारा कोई ठोस कदम उठाने के बजाय, महज खानापूर्ति करते हुए मिट्टी भरकर उसे बांस के बल्लों के सहारे छोड़ दिया गया है।
सड़क अंदर ही अंदर पूरी तरह खोखली
तस्वीर यह है कि पानी के निरंतर बहाव के कारण वह भरी गई मिट्टी भी धीरे-धीरे बह चुकी है और अब सड़क अंदर ही अंदर पूरी तरह खोखली होकर एक खौफनाक गुफा का आकार लेने लगी है। उसी पर बालू और सामान एवं यात्रियों से भरे भारी वाहन गुजर रहे हैं।
ऊपर से देखने में भले ही सड़क ठीक लगे, लेकिन भीतर से खोखली हो चुकी यह जमीन किसी भी वक्त भारी वाहनों के दबाव से जमींदोज हो सकती है। इस लापरवाही का खामियाजा कभी भी एक बड़ी दुर्घटना के रूप में सामने आ सकता है, जिससे भोजपुर, रोहतास, कैमूर और भभुआ समेत चार महत्वपूर्ण जिलों का आपसी जुड़ाव और आवागमन पल भर में ठप पड़ सकता है।
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हजारों की संख्या में भारी मालवाहक वाहनों का परिचालन
गौरतलब है कि इस व्यस्त स्टेट हाईवे से प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी मालवाहक वाहनों और ट्रकों का परिचालन होता है। ऐसे में सबसे बड़ा खतरा रात्रि प्रहरी यानी रात के अंधेरे में सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बना हुआ है। यदि रात के समय किसी चालक को सड़क के इस टूटे हुए और धंसते किनारे का अंदाजा नहीं मिला, तो गाड़ियां सीधे हादसे का शिकार हो जाएंगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चार जिलों को जोड़ने वाली हाईवे की सुरक्षा को विभाग ने भगवान भरोसे सिर्फ कुछ बांस के बल्लों पर टिका कर छोड़ दिया है।अभी तो पानी का बहाव कम है पानी का बहाव तेज होने के साथ सड़क कभी भी टूट सकता है।