भरत भूषण तिवारी के श्राद्धकर्म की तैयारियां तेज, 30 जून को फिर जुटेंगे स्वजन
भोजपुर के बिलौटी गांव में 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के श्राद्धकर्म की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को दशकर्म और ना ...और पढ़ें

दशकर्म करते स्वजन। फोटो जागरण
HighLights
भरत भूषण तिवारी के श्राद्धकर्म की तैयारियां बिलौटी गांव में शुरू।
कथित एनकाउंटर में मृत्यु के बाद दशकर्म, नारायणबली संपन्न।
30 जून को ब्रह्मभोज और श्राद्धकर्म का आयोजन होगा।
पंचायत सूत्र, बिलौटी (शाहपुर)। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के श्राद्धकर्म की तैयारियां परिवार की ओर से शुरू कर दी गई हैं। 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई उनकी मृत्यु के बाद अब वैदिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं।
रविवार को गांव के उत्तर-पश्चिम स्थित काली मंदिर के समीप दशकर्म का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान परिवार के सदस्यों और निकट संबंधियों ने परंपरा के अनुसार मुंडन भी कराया। दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए नारायणबली विधि से विशेष कर्मकांड भी संपन्न कराया गया।
भरत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने बताया कि गोली लगने से हुई मृत्यु को हिंदू धर्मशास्त्रों में अकाल मृत्यु माना जाता है। ऐसी स्थिति में आत्मा की शांति एवं प्रेत योनि से मुक्ति के लिए नारायणबली अनुष्ठान का विशेष महत्व बताया गया है।
विद्वान पुरोहित मनोरंजन त्रिपाठी के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से यह अनुष्ठान कराया गया। जिसमें परिवार के सभी सदस्य एवं निकट संबंधी शामिल हुए। रविवार को दशकर्म से जुड़े सभी कर्मकांड पूर्ण किए गए।
30 जून के फिर जुटेंगे स्वजन
परिवार के अनुसार 30 जून को श्राद्धकर्म एवं ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा। इसमें आसपास के गांवों के लोगों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के करीब पांच हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गौरतलब है कि बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई थी।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा रही और विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार उनके परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त करते रहे। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी लगातार उठती रही है।
18 जून को गंगा नदी के महुली घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था। जहां उनके बड़े भाई वसंत तिवारी ने मुखाग्नि दी थी। अब 30 जून को श्राद्धकर्म एवं ब्रह्मभोज के साथ वैदिक परंपराओं के अनुसार सभी धार्मिक संस्कारों का समापन होगा।