भरत तिवारी एनकाउंटर केस में समन जारी, न्यायिक जांच आयोग के सामने 6 गवाह सच से उठाएंगे पर्दा
भोजपुर के शाहपुर में भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच तेज हो गई है। आयोग ने मृतक के परिवार सहित 6 गवाहों को 11 और 13 जुलाई को पेश होने क ...और पढ़ें

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग ने 6 गवाहों को बुलाया

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जागरण टीम, आरा/शाहपुर। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना के बिलौटी गांव में 17 जून को घटित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter Case) प्रकरण मामले की न्यायिक जांच में कार्रवाई तेज हो गई है।
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा के निर्देश पर जगदीशपुर एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा ने छह गवाहों को समन सौंपा है।
मृतक के परिवार से जुड़े चार गवाहों मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी, भाभी सुमन देवी एवं भाई चंदन तिवारी को 11 जुलाई को, जबकि जवइनिया गांव के दो गवाहों को 13 जुलाई को न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष सह सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के कार्यालय, जिला शिक्षा कार्यालय परिसर स्थित डीपीआरसी भवन, आरा में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
डीपीआरसी भवन में न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष का कार्यालय शुरू हो चुका है। एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि जिन छह लोगों को समन दिया गया है, उनमें चार बिलौटी गांव तथा दो जवइनिया गांव के निवासी हैं।
जवइनिया के दोनों गवाह वर्तमान में पुनर्वास टाउनशिप में रह रहे हैं। सभी गवाहों को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को आयोग के अध्यक्ष एवं पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा आरा पहुंचे थे। उन्होंने डीपीआरसी भवन स्थित कार्यालय का निरीक्षण किया था और जांच के दो प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी दी थी।
उल्लेखनीय है कि 17 जून को बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। आयोग ने मामले से जुड़े सभी पक्षों की सुनवाई के लिए आरा स्थित डीपीआरसी भवन में अपना कार्यालय स्थापित किया है।