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    भरत तिवारी के भाई को दिल्ली के जंतर-मंतर से लौटना पड़ा वापस, न्यायिक आयोग के सामने फिर होंगे पेश 

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 09:01 PM (GMT+05:30)

    चंदन तिवारी, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली से लौटे हैं। न्यायिक जांच आयोग के समन के बाद उन्हें भोजपुर में आयोग के सम ...और पढ़ें

    न्यायिक आयोग में पहुंचे भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन। फोटो जागरण

    न्यायिक आयोग में पहुंचे भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन। फोटो जागरण 

    HighLights

    1. भरत तिवारी के भाई चंदन दिल्ली से वापस लौटे।

    2. न्यायिक जांच आयोग ने बयान दर्ज कराने को बुलाया।

    3. अब तक सात गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं।

    जागरण संवाददाता, आरा।  Bharat Tiwari Encounter case: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मृतक के छोटे भाई चंदन तिवारी न्याय की मांग को लेकर दिल्ली गए हुए थे। इस दौरान जंतर-मंतर से दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आवाज तेज कर रहे थे।

    इधर, न्यायिक जांच आयोग की ओर से समन जारी होने के बाद उन्हें मंगलवार की सुबह वापस लौटना पड़ा। समन में कहा गया था कि निर्धारित तिथि को गैरहाजिरी होने पर नियम संगत कदम उठाए जाएंगे।

    इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता का हवाला दिया गया था। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी अन्य गवाह आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराएंगे।

    अब तक सात गवाहों के बयान दर्ज

    गौरतलब है कि 11 जुलाई को मृतक की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था। इसके बाद सोमवार को मृतक की भाभी सुमन देवी समेत तीन गवाहों की गवाही हुई थी।

    मंगलवार की गवाही के साथ अब तक न्यायिक जांच आयोग के समक्ष कुल सात गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। छोटे भाई चंदन तिवारी के अनुसार, 25 गवाह बयान देने के लिए तैयार हैं। बता दें कि आयोग इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करते हुए क्रमवार गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है।

    तीसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

    न्यायिक जांच आयोग के समक्ष गवाही को लेकर डीपीआरसी भवन स्थित आयोग कार्यालय में तीसरे दिन भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। प्रवेश द्वार पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही।

    आगंतुकों की हैंड मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। आगंतुक पंजी में हस्ताक्षर कराने के बाद ही संबंधित लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई।

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