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    भोजपुर के ब‍िलौटी में क्यों रुका भरत त‍िवारी स्मारक का न‍िर्माण? पहली ईंट रखी गई, लेकिन आगे नहीं बढ़ा काम

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 11:06 AM (IST)

    भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी स्मारक का निर्माण प्रशासनिक अनुमति और भूमि विवाद के कारण रुक गया है। प्रस्तावित स्थल सरकारी भूमि होने के साथ ...और पढ़ें

    बिलौटी में एनकाउंटर स्‍थल पर हो रहा था स्‍मारक निर्माण। जागरण

    बिलौटी में एनकाउंटर स्‍थल पर हो रहा था स्‍मारक निर्माण। जागरण

    HighLights

    1. स्मारक निर्माण प्रशासनिक अनुमति और भूमि विवाद के कारण रुका।

    2. प्रस्तावित स्थल बिहार सरकार की भूमि, NOC आवश्यक है।

    3. निजी भूमि मालिक ने भी निर्माण पर आपत्ति जताई।

    पंचायत सूत्र, बिलौटी (शाहपुर)। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की स्मृति में बनाए जाने वाले प्रस्तावित स्मारक का निर्माण शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है।

    प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने और भूमि को लेकर उठी आपत्तियों के कारण स्मारक निर्माण का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, एनकाउंटर स्थल के पास पहले चरण में 8×8 फीट का चबूतरा बनाने की तैयारी शुरू की गई थी। इसी चबूतरे पर बाद में भरत भूषण तिवारी की सफेद संगमरमर से बनी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की योजना थी।

    हालांकि, निर्माण शुरू होने के साथ ही भूमि की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे और मामला प्रशासन तक पहुंच गया। इससे कार्य रोकना पड़ा।  

    सरकारी भूमि होने से फंसा मामला

    शाहपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) आनंद प्रकाश ने बताया कि जिस स्थान पर स्मारक बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वह बिहार सरकार की भूमि है।

    ऐसे किसी भी निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) आवश्यक है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई है।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना वैधानिक अनुमति के सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण नियमसम्मत नहीं है। यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्माण कराया जाता है तो प्रशासन उसे रोकेगा।

    रैयती भूमि को लेकर भी उठी आपत्ति

    स्मारक निर्माण के सामने दूसरी बड़ी बाधा प्रस्तावित स्थल से सटी निजी (रैयती) भूमि को लेकर सामने आई है। संबंधित भूमि स्वामी ने निर्माण पर आपत्ति जताई।

    कहा है कि यदि स्मारक बनाया जाता है तो उसे सड़क के मध्य भाग में बनाया जाए और सड़क का विस्तार उनकी जमीन की ओर नहीं किया जाए।

    सरकारी भूमि और निजी भूमि से जुड़े इन दोनों विवादों के कारण स्मारक निर्माण का कार्य फिलहाल ठप हो गया है। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।

    उत्तराखंड के संत ने उठाया है निर्माण का जिम्मा

    भरत भूषण तिवारी की स्मृति में बनने वाले इस स्मारक का पूरा खर्च उत्तराखंड स्थित एक मठ के स्वामी आनंद स्वरूप महाराज द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की गई है।

    करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने बिलौटी पहुंचकर प्रस्तावित स्थल पर प्रतीकात्मक रूप से पहली ईंट भी रखी थी और स्मारक निर्माण का संकल्प लिया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भूमि संबंधी सभी विवादों का समाधान हो जाता है और आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां मिल जाती हैं, तो स्मारक निर्माण का कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- भोजपुर में भरत तिवारी स्‍मारक की तैयारी पर लगा ब्रेक; NOC नहीं होने पर प्रशासन की आपत्ति

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