Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भोजपुर में 30 हजार सरकारी अफसरों-कर्मियों का वेतन अटका; व‍ित्‍त व‍िभाग ने इस वजह से द‍िखाई सख्‍ती

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 05:36 PM (GMT+05:30)

    भोजपुर जिले में वित्त विभाग के सख्त निर्देश के बाद 30 हजार से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मियों का जून माह का वेतन अटक गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति र ...और पढ़ें

    भोजपुर में बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनने पर एक्‍शन। फाइल

    भोजपुर में बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनने पर एक्‍शन। फाइल

    HighLights

    1. भोजपुर में 30 हजार कर्मियों का जून वेतन अटका।

    2. बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट न देने से भुगतान रुका।

    3. वित्त विभाग की सख्ती से पारदर्शिता पर जोर।

    जागरण संवाददाता, आरा। वित्त विभाग के सख्त निर्देश के बाद भोजपुर जिले के करीब 30 हजार पदाधिकारियों और कर्मियों के जून माह का वेतन फिलहाल फंस गया है।

    विभाग ने स्पष्ट कर दिया था कि संबंधित कार्यालयों से बायोमेट्रिक उपस्थिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही जिला कोषागार के माध्यम से वेतन का भुगतान किया जाएगा।

    निर्धारित समय तक अधिकांश विभागों द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण वेतन निकासी की प्रक्रिया रुक गई है। एक जुलाई तक वेतन नहीं मिलने से विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

    वित्त विभाग की सख्‍ती का असर 

    जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने पिछले माह के शुरू में जिला पदाधिकारी एवं जिला कोषागार कार्यालय को पत्र भेजकर निर्देश दिया था कि बिना बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट के किसी भी विभाग का वेतन भुगतान नहीं किया जाए।

    विभागीय स्तर पर यह निर्णय उन शिकायतों के बाद लिया गया, जिनमें कहा गया था कि कई वरीय पदाधिकारी नियमित रूप से बायोमेट्रिक मशीन पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराते हैं, जबकि अधीनस्थ कर्मियों से इसका पालन कराया जाता है।

    इसी असमानता को समाप्त करने के उद्देश्य से सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मियों पर समान रूप से नियम लागू किया गया है।

    शिक्षा, स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन समेत अधिसंख्‍य व‍िभागों में वेतन निकासी रुकी

    वित्त विभाग के इस फैसले के बाद अब केवल लिपिक, शिक्षक और अन्य कर्मियों ही नहीं, बल्कि वरीय अधिकारियों को भी नियमित रूप से बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा अथवा उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

    माना जा रहा है कि भविष्य में बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर और अधिक सख्ती बरती जाएगी, ताकि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

    केवल दो कार्यालयों में नियमों का होता है पालन

    बताया जा रहा है कि जिले में केवल सेल टैक्स कार्यालय और जिला कोषागार कार्यालय में ही बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का नियमित रूप से पालन हो रहा है।

    शिक्षा, स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन, कृषि, परिवहन, खनन, रजिस्ट्री, भवन, पथ निर्माण, अंचल, बीडीओ, कल्याण, अल्पसंख्यक, सांख्यिकी, डीआरसीसी सहित अधिकांश विभागों ने समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई, जिसके कारण संबंधित विभागों के वेतन भुगतान पर रोक लग गई।

    नोडल पदाधिकारी की लापरवाही की चर्चा

    सूत्रों की मानें तो जिले में बायोमेट्रिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे एक नोडल पदाधिकारी की लापरवाही की भी चर्चा है।

    समय पर विभागों से रिपोर्ट नहीं मंगाए जाने और उसकी मानिटरिंग नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गई। अब सभी विभागों से शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि वेतन भुगतान का रास्ता साफ हो सके।

    खबरें और भी

    पटना प्रेम के कारण सीनियर नहीं लागू करना चाहते बायोमेट्रिक सिस्टम

    जिले में दर्जनों विभागों के वरीय पदाधिकारी रोजाना पटना से आवागमन करते हैं। इस कारण वे समय पर उपस्थिति बनाने में सक्षम नहीं हो सकते है, इस कारण वे इस नियम को लागू होने देना नहीं चाहते है।

    पटना आने जाने वालों में बिजली कंपनी को छोड़ अधिकांश विभागों के शत प्रतिशत कार्यपालक अभियंता और एसडीसी समेत दर्जनों जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी शामिल है।