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भोजपुर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, बैंक अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार

Published: Fri, 06 Feb 2026 11:00 PM (IST)

आरा साइबर थाना पुलिस ने दूसरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ ...और पढ़ें

दूसरे के नाम पर बैंक खाता खोलकर साइबर ठगी करने में तीन गिरफ्तार। फोटो जागरण

दूसरे के नाम पर बैंक खाता खोलकर साइबर ठगी करने में तीन गिरफ्तार। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के आरा साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे के नाम पर बैंक खाता खोलवाकर साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी तरीके से बैंक खाता खोलवाकर साइबर ठगी में संलिप्त तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने प्रेसवार्ता में दी।

गिरफ्तार आरोपितों में गजराजगंज ओपी क्षेत्र के बीबीगंज गांव निवासी रोहित कुमार, मसाढ़ गांव निवासी मोहित कुमार तथा कोईलवर थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी सुमन सौरभ चौहान शामिल हैं। इनमें सुमन सौरभ चौहान एक बैंक का मार्केटिंग पदाधिकारी है, जो साइबर ठगों को बैंक खाता खुलवाने में मदद करता था। पुलिस को इस संबंध में पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।

आरोपितों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, उक्त खातों पर महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन राज्यों के पीड़ितों की ठगी की राशि इन्हीं खातों में ट्रांसफर की गई थी। साइबर डीएसपी ने बताया कि पांच फरवरी 2026 को आरा नगर थाने की पुलिस गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक दूसरे के नाम पर म्यूल बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों रोहित कुमार और मोहित कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ एवं उनके मोबाइल फोन की जांच में साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को आरा साइबर थाना को सौंप दिया गया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग लोगों के नाम पर म्यूल बैंक अकाउंट खुलवाते थे।

इसके बाद इन खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड एवं अन्य दस्तावेज गिरोह के सरगना को सौंप दिए जाते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की राशि मंगाने में किया जाता था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में बैंक कर्मियों की संलिप्तता रही है। कमीशन के बदले फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाने और उन्हें सक्रिय कराने में मदद की जाती थी। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

तीन हजार रुपये का देते थे लालच

साइबर पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि रोहित कुमार की मुलाकात उसके गांव बीबीगंज निवासी अभिषेक कुमार के माध्यम से बड़हरा थाना क्षेत्र के ज्ञानपुर-सेमरिया निवासी सूरज सिंह राजपूत से हुई थी। अभिषेक कुमार ने रोहित को बताया था कि बालू घाट के कारोबार में लेन-देन के लिए एक बैंक खाते की जरूरत है। इसके बाद रोहित और मोहित ने अलग-अलग लोगों के नाम पर करीब 26 से 27 बैंक खाते खुलवाए थे।

प्रत्येक बैंक खाता खुलवाने पर तीन हजार रुपये दिए जाते थे। खाते खुलवाने के बाद पासबुक और एटीएम कार्ड सूरज सिंह राजपूत को सौंप दिए जाते थे। इसके बदले आरोपितों को कमीशन मिलता था, जबकि कुछ राशि खाता धारकों को भी दी जाती थी। खाता खुलवाने में बैंक के मार्केटिंग पदाधिकारी सुमन सौरभ चौहान की भूमिका सामने आई है, जो इसके एवज में कमीशन लेता था। सभी खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की राशि मंगाने के लिए किया जाता था।

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