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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PM Awas Yojana: आवास सर्वे में घूस मांगने वाले 13 से स्पष्टीकरण, भोजपुर DDC अनुपमा सिंह ने लिया एक्शन

    Updated: Wed, 02 Apr 2025 05:13 PM (IST)

    भोजपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सर्वे के दौरान 13 सर्वे कर्ताओं पर घूस मांगने और काम में लापरवाही के आरोप लगे हैं। इनसे एक सप्ताह में स्पष्ट ...और पढ़ें

    भोजपुर की डीडीसी डॉ. अनुपमा सिंह ने लिया एक्शन (फाइल फोटो)
    भोजपुर की डीडीसी डॉ. अनुपमा सिंह ने लिया एक्शन (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ग्रामीण आवास सर्वे की 30 अप्रैल तक बढ़ाई गई समय सीमा
    2. 31 मार्च तक दो लाख लोगों के घरों का हो चुका है सर्वे

    जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सर्वे (PM Awas Yojana Survey) के दौरान पहले भी पांच सर्वेकर्ताओं पर बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। जिसमें दो लोगों की सेवा समाप्त किए जाने के साथ दो लोगों के वेतन से तीन वर्षों तक 25% की कटौती और अन्य कार्रवाई शामिल है। इसके बाद भी अन्य सर्वेकर्ता सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

    हाल के दिनों में एक बार फिर ग्रामीण आवास सर्वे के दौरान बड़े स्तर पर घूस मांगने समेत कार्यों को मानक के अनुरूप नहीं करने का आरोप 13 सर्वेक्षण कर्ताओं पर लगा है।

    सर्वे के दौरान अवैध राशि की मांग मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीसी ने इन सभी से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा है कि क्यों नहीं आप सभी को बर्खास्त कर दिया जाए।

    डीडीसी ने क्यों लिया एक्शन?

    मालूम हो पहली बड़ी कार्रवाई के बाद दूसरी बार स्थानीय पंचायत के लाभुक और जनप्रतिनिधियों से शिकायत मिली कि सर्वे के दौरान अवैध राशि की मांग की जा रही है तथा कई कर्मचारियों के द्वारा अपने कार्यों को सही ढंग से निपटारा नहीं किया जा रहा है।

    इसे देखते हुए डीडीसी ने आरा सदर और तरारी प्रखंड के चार-चार, बड़हरा तथा कोईलवर के दो-दो और बिहिया के एक सर्वे कर्ता से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें तीन महिला कर्मचारी और 10 पुरुष कर्मचारी शामिल हैं।

    जिन लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है उन सर्वेक्षण कर्ताओं में-

    • बड़हरा प्रखंड के अरुण कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सिंह।
    • आरा प्रखंड के रिंकी कुमारी, विनीता कुमारी, मनीष कुमार राय और अजीत कुमार।
    • कोईलवर प्रखंड के सुरेश कुमार और विकास कुमार।
    • तरारी प्रखंड के मनीष कुमार, रबिया खातून, नंदकुमार और सरोज कुमार तथा बिहिया प्रखंड के विनोद कुमार शामिल हैं।

    इन सभी पर भी बर्खास्तगी की गाज गिरनी तय बताई जा रही है। 13 में से कई के खिलाफ डीडीसी के द्वारा सुनवाई चल रही है, जल्द ही कार्रवाई होगी।

    56 हजार एससी/एसटी की हुई पहचान

    प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सर्वे के दौरान जिले में अब तक कुल 2,058,19 लोगों के घरों का सर्वे हुआ है। इसमें से 56,848 एससी और एसटी तथा 1,48,971 में अन्य सभी जातियों के लोग शामिल है।

    इसमें एससी वर्ग के 3712, एसटी वर्ग के 53,136 परिवारों की पहचान हुई है। पहला सर्वे का कार्य 31 मार्च तक ही तय था परंतु सरकार के द्वारा अब इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया गया है।

    जिले में 31 मार्च तक हुए सर्वे की प्रगति रिपोर्ट

    प्रखंडों का नाम सर्वे हुए घरों की संख्या
    बड़हरा 20558
    अगिआंव 15216
    शाहपुर 18770
    आरा 23112
    जगदीशपुर 26365
    उदवंतनगर 15273
    कोईलवर 16241
    संदेश 7868
    पीरो 11662
    सहार 14157
    तरारी 16289
    बिहिया 8846
    गड़हनी 5360
    चरपोखरी 6102
    कुल 205819

    30 अप्रैल तक चलेगा सर्वे, 13 से मांगा गया स्पष्टीकरण

    भोजपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का सर्वे अब 30 अप्रैल तक चलेगा। कोई भी लाभुक अपने स्थानीय कर्मचारियों से मिलकर इसका 30 अप्रैल तक लाभ उठा सकते हैं। दूसरी तरफ सर्वे के दौरान शिकायत मिलने पर 13 लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं रहने के साथ आरोप सही पाए जाने पर सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी कई लोगों को बर्खास्त किए जाने के साथ वेतन से कटौती की कड़ी कार्रवाई की गई है। डीडीसी ने ज्यादा से ज्यादा सर्वे का लाभ उठाने की अपील जरूरतमंद लोगों से की है। - डॉक्टर अनुपमा सिंह, डीडीसी, भोजपुर

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