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    Bhojpur News: भोजपुर जिले में कागज पर दौड़ रही खेतों तक बिजली, कृषि फीडर के 729 मामले पेडिंग

    Updated: Wed, 20 May 2026 02:02 PM (GMT+05:30)

    भोजपुर जिले में कृषि विद्युत कनेक्शन की योजनाएं कागजों पर तेज हैं, लेकिन 729 मामले लंबित होने से किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी हो रही है। ...और पढ़ें

    भोजपुर जिले में कागज पर दौड़ रही खेतों तक बिजली, कृषि फीडर के 729 मामले पेडिंग (AI Generated Image)

    भोजपुर जिले में कागज पर दौड़ रही खेतों तक बिजली, कृषि फीडर के 729 मामले पेडिंग (AI Generated Image)

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    जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में किसानों को कृषि विद्युत कनेक्शन देने की योजना कागजों पर तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी 729 मामले लंबित पड़े हैं। इसका खामियाजा किसानों को धान की खेती के दौरान भुगतना पड़ रहा है।

    समय पर कृषि फीडर और सुरक्षित बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से किसान खेतों में अस्थायी और जुगाड़ व्यवस्था के सहारे सिंचाई करने को मजबूर हैं। यही वजह है कि हर वर्ष करंट लगने से किसानों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

    विद्युत आपूर्ति प्रमंडल आरा एवं जगदीशपुर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार आरडीएसएएस योजना के तहत भोजपुर जिले में कृषि आवेदकों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1229 सीकेएम 11 केवी लाइन, 1263.93 सीकेएम एलटी लाइन तथा 2763 वितरण ट्रांसफार्मर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

    विभाग का दावा है कि आवंटित एजेंसी एम/एस एनसीसी द्वारा अब तक 39 कृषि फीडरों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही निर्धारित लाइन और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य भी पूरा होने की बात कही गई है। हालांकि, इन दावों के बावजूद जिले में अब भी 729 किसान कृषि बिजली कनेक्शन से वंचित हैं।

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    किसानों का कहना है कि आवेदन देने के महीनों बाद भी न तो ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं और न ही नियमित लाइन उपलब्ध हो पा रही है। धान रोपनी और सिंचाई के मौसम में किसान निजी मोटर और खुले तारों के सहारे खेतों तक बिजली पहुंचाने को मजबूर हो जाते हैं। बरसात के मौसम में यह व्यवस्था जानलेवा साबित होती है।

    मुख्यमंत्री कृषि विद्युत योजना कागजों में तैयार

    वहीं मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना फेज-2 के तहत जिले में 25 केवीए के 823 तथा 63 केवीए के 92 ट्रांसफार्मर लगाने की योजना है। इसके अलावा 366.10 सीकेएम 11 केवी लाइन और 669.70 सीकेएम एबी केबल एलटी लाइन का निर्माण किया जाना है।

    योजना के तहत कुल 18 हजार 54 कृषि उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 654 ट्रांसफार्मर अधिष्ठापित किए जा चुके हैं और 10 हजार 518 कृषि आवेदकों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

    यह आंकड़ा कागज में किस किस प्रखंड का है कि जानकारी प्राप्त करने के लिए कार्यपालक अभियंता निखिल कुमार सिंह संपर्क किया गया तो उन्होंने प्रखंड वार डाटा उपलब्ध कराने से इंकार किया।

    कृषि वैज्ञानिक डॉ. सचिदानंद सिंह का भी मानना है कि धान की खेती में लगातार सिंचाई की जरूरत होती है। ऐसे में बिजली की अनियमित व्यवस्था किसानों को जोखिम उठाने पर मजबूर करती है।

    किसानों ने सरकार और बिजली विभाग से लंबित कृषि फीडर और कनेक्शन के कार्य में तेजी लाने की मांग की है, ताकि खेती के साथ किसानों की जान भी सुरक्षित रह सके।

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