Updated: Tue, 23 Sep 2025 12:04 PM (GMT+05:30)
भोजपुर जिले के छह प्रखंडों के 78 पंचायतों के किसानों को खरीफ फसल के नुकसान के लिए सितंबर के अंत तक मुआवजा मिलेगा। कृषि विभाग आवेदनों को अंतिम रूप देने ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के छह प्रखंडों के 78 पंचायतों के किसानों को खरीफ फसल की क्षति पूर्ति के लिए मुआवजा की राशि सितंबर के अंत तक मिल जाएगी। विभाग की मानें तो आवेदन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में विभाग जुटा है।
प्रखंड से पंचायत स्तर के कर्मचारियों को आवेदन करने वाले के डाटा को सत्यापन करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि छह प्रखंडों के 71 हजार किसानों से फसल क्षति के लिए मुआवजे की मांग की है, लेकिन कृषि विभाग ने किसानों के दावे की जांच कर रहा है। इसको अंतिम रूप 24 सितंबर को दे दिया जाएगा।
अंतिम रूप से चयनित डाटा कृषि विभाग को अग्रसरित किया जाएगा। विभाग के अनुसार सितंबर के अंतिम तिथि तक सभी किसानों को फसल क्षति की राशि उसके खाते में भेज दी जाएगी।
18 करोड़ रुपये की मिलेगी राशि
बाढ़ से प्रभावित छह प्रखंडों के किसानों को फसल क्षति का मुआवजा मिलेगा। विभाग ने मुआवजे की राशि 18 करोड़ रुपये आंकलन किया है। कृषि विभाग के अनुसार आरा सदर के 22, बिहिया के आठ, उदवंत नगर के सात, कोइलवर के चार, शाहपुर के 21 पंचायतों का रकबा बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
इसमें बड़हरा प्रखंड के सिंचित भूमि 1436.5 हेक्टेयर और असिंचित भूमि 2043 हेक्टेयर है। बड़हरा के कुल 3485 हेक्टेयर रकबा बाढ़ से प्रभावित है। इसके बाद आरा सदर के 16 प्रखंडों के 2015 हेक्टेयर और असिंचित भूमि 489 हेक्टेयर मिलाकर कुल 2504 हेक्टेयर जमीन प्रभावित है।
बिहिया प्रखंड के 1423 हेक्टेयर सिंचित व 96.1 हेक्टेयर असिंचित को मिलाकर कुल 1519.3 हेक्टेयर रकबा बाढ़ से प्रभावित है। उदवंत नगर के 262 और कोइलवर प्रखंड के 750 हेक्टेयर सिंचित रकबा बाढ़ से प्रभावित है।
शाहपुर के 21 पंचायतों में 2568 व 8403 हेक्टेयर असिंचित रकबा बाढ़ से प्रभावित है। जिस फसल का 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है, उसी का मुआवजा मिलेगा। प्रभावित प्रखंडों के किसानों से आनलाइन आवेदन लिया जा रहा है।
कृषि विभाग ने उस रकबा की पहचान की है, जो बाढ़ और अति वृष्टि के प्रभावित हुआ है। कृषि विभाग ने निरीक्षण कराया है, उसमें सबसे अधिक बड़हरा प्रखंड के 22 पंचायत का रकबा प्रभावित हुआ है।
फसल क्षति के लिए अधिक आवेदन
जिले से फसल क्षति के लिए सबसे अधिक आनलाइन आवेदन 71 हजार आया है। इसमें 50 हजार से अधिक आवेदन की जांच हो चुकी है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फसल मुआवजा के लिए पहली बार इस कदर प्रचार प्रसार किया गया, ताकि अधिक से अधिक किसान आवेदन कर सकें।
सिंचित भूमि के लिए 17 हजार प्रति हेक्टेयर, असिंचित के लिए 8500 प्रति हेक्टेयर और बारमासी के लिए 22 हजार पांच सौ रुपये का मुआवजा देने का प्रविधान है।
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