'मेरे जिंदा रहते बेटी ने जमीन बेच दी सर', भोजपुर में बुजुर्ग पिता का जनता दरबार में छलका दर्द
बड़हरा थाना परिसर में भोजपुर एसपी राज की अध्यक्षता में जनता दरबार (Janta Darbar) का आयोजन हुआ। इसमें दूर-दराज से आए फरियादियों की शिकायतें सुनी गईं। ए ...और पढ़ें
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जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनते एसपी। (जागरण)
HighLights
बड़हरा थाना में भोजपुर एसपी राज ने जनता दरबार लगाया।
वृद्ध पिता ने जीवित रहते बेटी द्वारा जमीन बेचने की शिकायत की।
दहेज उत्पीड़न, मारपीट और भूमि विवाद के मामले भी सामने आए।
संवाद सूत्र, बड़हरा (आरा)। बड़हरा थाना परिसर में शुक्रवार को भोजपुर पुलिस अधीक्षक राज की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में दूर-दराज के गांवों से पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से सुना और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
बड़हरा थाना क्षेत्र के मनीछापरा गांव निवासी पीड़ित पिता राम नारायण तिवारी ने बताया कि वह अभी जीवित हैं, इसके बावजूद उनकी पुत्री नीतू देवी ने कथित रूप से उनकी जमीन अपनी ननद के हाथों बेच दी है।
पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक से अपनी जमीन बचाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। जनता दरबार में बबुरा थाना क्षेत्र की सोनी देवी, पति जितेंद्र कुमार सिंह, न्याय की आस लेकर पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उनकी शादी वर्ष 2015 में हुई थी। उनका एक पुत्र और एक पुत्री हैं। बीते छह वर्षों से दहेज की मांग को लेकर पति एवं ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ लगातार मारपीट की और घर से निकाल दिया।
पीड़िता वर्तमान में वह अपने दोनों बच्चों के साथ मजदूरी कर किसी तरह जीवन-यापन कर रही हैं, जबकि ससुराल वाले उन्हें घर में रहने नहीं दे रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना को निर्देश दिया कि पीड़िता के पति को तलब कर आपसी सुलह के साथ न्यायोचित समाधान कराया जाए।
जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े मामलों की भी भरमार रही। इस दौरान जनता दरबार में फरना, मनिछापरा और नेकनाम टोला सहित अन्य गांवों से भी जमीन पर अवैध कब्जा, पारिवारिक विवाद, मारपीट तथा झूठे मुकदमे दर्ज कराने से जुड़े कई मामले जनता दरबार में पहुंचे।
बड़का लौहर गांव के पीड़ित पिता रजनीकांत पांडेय ने अपने 10 वर्षीय मृत पुत्र के न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधीक्षक ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानों को निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।