बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में नए नियमों का विरोध, API स्कोर के आधार पर चयन की मांग
बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली के नए नियमों का विरोध तेज हो गया है, अभ्यर्थी पुरानी API स्कोर आधारित चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। उनका कहना ह ...और पढ़ें

विरोध जताते अभ्यर्थी। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, आरा। बिहार में प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में नए चयन नियम लागू किए जाने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। इसी कड़ी में रविवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू) के अभ्यर्थियों की बैठक कतीरा स्थित विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गई।
बैठक में पांच दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया और सरकार से वर्तमान बहाली पूर्व निर्धारित एकेडमिक स्कोर (एपीआई) आधारित चयन प्रक्रिया के अनुसार ही पूरी कराने की मांग की।
बैठक में अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली के लिए पुराने नियमों की जगह परीक्षा आधारित नई चयन प्रणाली लागू करने तथा अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित करने की तैयारी की जा रही है।
उनका कहना था कि यदि यह नई व्यवस्था वर्तमान भर्ती में लागू की गई तो वर्षों से तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। जदयू के छात्र नेता कृष्णा तिवारी ने कहा कि अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान बहाली पूर्व निर्धारित एकेडमिक स्कोर अथवा एपीआई आधारित चयन प्रक्रिया से ही कराई जाए।
उनका कहना था कि नई चयन प्रणाली को वर्तमान भर्ती में लागू करना उचित नहीं होगा। इसे अगली बहाली से प्रभावी किया जाना चाहिए, ताकि पहले से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का हित प्रभावित न हो।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, राज्यपाल-सह-कुलाधिपति तथा बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया कि हजारों पीएचडी धारकों और शोधार्थियों ने वर्षों से पूर्व निर्धारित चयन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी की है।
उन्होंने पीएचडी, शोध पत्रों के प्रकाशन, सेमिनार, सम्मेलन, बुक चैप्टर, शिक्षण अनुभव तथा अन्य अकादमिक उपलब्धियों के आधार पर अपना एकेडमिक स्कोर तैयार करने में समय, श्रम और आर्थिक संसाधन लगाए हैं।
हजारों अभ्यर्थियों का परिश्रम होगा व्यर्थ
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि वर्तमान बहाली में अचानक परीक्षा आधारित नई प्रणाली लागू की जाती है तो यह उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा। अभ्यर्थी सत्येन्द्र यादव ने कहा कि वर्षों तक पुरानी व्यवस्था के अनुरूप अपनी अकादमिक प्रोफाइल तैयार की है।
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उनका कहना है कि यह केवल नीति परिवर्तन का मामला नहीं, बल्कि शोधार्थियों के भविष्य, परिश्रम और रोजगार के अवसरों से जुड़ा गंभीर विषय है।
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि वर्तमान एवं आगामी असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली पूर्व निर्धारित प्रणाली के आधार पर पूरी कराई जाए, जबकि परीक्षा आधारित नई चयन व्यवस्था को अगली बहाली से लागू किया जाए। साथ ही अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने तथा डोमिसाइल नीति लागू करने की भी मांग उठाई गई है।