बिहार कन्या उत्थान योजना: स्नातक छात्राओं के डेटा अपलोड के लिए खुला पोर्टल, स्टूडेंट्स को मिलेंगे ₹50000
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक प्रोत्साहन योजना का पोर्टल विश्वविद्यालयों के लिए खुल गया है। ...और पढ़ें

बिहार कन्या उत्थान योजना: स्नातक छात्राओं के डेटा अपलोड के लिए खुला पोर्टल (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, आरा। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना का पोर्टल खुल गया। उच्च शिक्षा विभाग ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय को नव-निर्मित एनआईसी पोर्टल पर छात्राओं का डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया है।
विभाग ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय समेत सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें।
बता दें कि इस योजना में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50 हजार रुपए की राशि मिलती है।
वीकेएसयू में कन्या उत्थान योजना के नोडल पदाधिकारी डॉ. बकारुत जमा ने बताया कि वीकेएसयू में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लिए एक अप्रैल 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक का डेटा अपलोड हो चुका है। अब विश्वविद्यालय को स्नातक, सत्र 2022-25 के उत्तीर्ण छात्राओं का डेटा अपलोड होगा।
शिक्षा विभाग से जारी पत्र के अनुसार विश्वविद्यालयों को महाविद्यालयों के नाम, संचालित पाठ्यक्रमों का विवरण तथा दिसंबर 2025 तक स्नातक उत्तीर्ण सभी छात्राओं का परीक्षा परिणाम नए पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यह प्रक्रिया योजना के लाभ को पारदर्शी एवं सुचारू रूप से लागू करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
पूर्व में छूटे हुए डेटा अपलोड करेगा विश्वविद्यालय
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2025 तक उत्तीर्ण सभी छात्राओं का परीक्षा परिणाम संबंधित पोर्टल पर 15 मई 2026 तक हर हाल में अपलोड किया जाए। साथ ही, पूर्व में छूटे हुए प्रकाशित परीक्षा परिणाम और सरकार से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों के परिणामों को भी पोर्टल पर जोड़े जाने का निर्देश दिया गया है।
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इसमें स्नातक उत्तीर्ण वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक का जो डेटा अपलोड किया गया है। उसमें किसी छात्रा का डेटा अपलोड नहीं हो सका है। उसको विश्वविद्यालय अपलोड करेगा।
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय को सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र छात्राओं का डेटा समय पर अपलोड हो, ताकि उन्हें योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सके।
छात्राओं के लिए नहीं खुला है पोर्टल
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. बकारुत जमा ने स्पष्ट किया कि यह पोर्टल केवल विश्वविद्यालय के लिए खोला गया है। छात्राओं के आवेदन करने के लिए नहीं खुला है। इसमें विश्वविद्यालय स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के डेटा को पोर्टल पर अपलोड करेगा।
बाद में शिक्षा विभाग छात्राओं के लिए पोर्टल खोलेगा। तब छात्राएं पोर्टल पर आवेदन करेंगी। फिलहाल विश्वविद्यालय द्वारा अपलोड किए जा रहे डेटा से शिक्षा विभाग आनलाइन सत्यापन करेगा। इसके बाद छात्रा के बैंक खाते में राशि आएगी।