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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    KK Pathak: केके पाठक के आदेश के बाद हरकत में आया प्रशासन, इस मामले में 228 लोगों को नोटिस जारी

    Updated: Wed, 16 Apr 2025 06:30 AM (IST)

    आरा में सरकारी जमीन की फर्जी जमाबंदी (Bihar Jamin Jamabandi) मामले में केके पाठक के संज्ञान लेने के बाद राजस्व विभाग सक्रिय हो गया है। एडीएम ने 228 लो ...और पढ़ें

    केके पाठक के आदेश के बाद हरकत में आया प्रशासन, इस मामले में 228 लोगों को नोटिस जारी
    केके पाठक के आदेश के बाद हरकत में आया प्रशासन, इस मामले में 228 लोगों को नोटिस जारी

    HighLights

    1. गंगा की जमीन की फर्जी जमाबंदी मामले में 228 लोगों को नोटिस देने का आदेश
    2. राजस्व पर्षद अध्यक्ष ने लिया संज्ञान तो भोजपुर प्रशासन आया एक्शन में
    3. जिले के बड़हरा अंचल में मां गंगा की 349 एकड़ सरकारी जमीन का हुआ फर्जीवाड़ा

    जागरण संवाददाता, आरा। सरकारी जमीन फर्जी जमाबंदी (Bihar Jamin Jamabandi) मामले में राजस्व पर्षद बिहार के अध्यक्ष केके पाठक (KK Pathak) के संज्ञान लेने के बाद भोजपुर जिले के राजस्व विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

    विगत दिनों जिला मुख्यालय पहुंचे केके पाठक ने डीएम को इस मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके साथ ही उन्होंने इसके लिए दोषी को चिह्नित कर कार्रवाई करने का भी आदेश दिया था।

    इस आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था। उनके जाने के एक-दो दिनों बाद ही प्रशासन ने एक्शन लेते हुए एडीएम ने अपने न्यायालय में केस को स्वीकृत कर लिया है। इसके बाद फर्जी जमाबंदी किए 228 लोगों पर नोटिस जारी करने का आदेश दे दिया है।

    228 रैयतों से मांगे जाएंगे डॉक्युमेंट

    इस सप्ताह सभी के यहां नोटिस चला जाएगा और अगले सप्ताह से इसकी सुनवाई शुरू हो जाएगी। सुनवाई के दौरान सरकारी जमीन के मामले को देखते हुए सभी 228 रैयतों से जमीन के कागजातों की मांग की जाएगी। सही कागजात नहीं होने पर सुनवाई के बाद एडीएम इन सभी की हुई फर्जी जमाबंदी को रद करने का आदेश पारित कर देंगे।

    इसके बाद स्थानीय प्रशासन इन सभी जमीन से जिनकी जमाबंदी रद की जाएगी अतिक्रमण हटाया जाएगा। राजस्व पर्षद अध्यक्ष ने तत्कालीन पदाधिकारी और दोषी कर्मचारियों पर भी जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जमाबंदी रद होने के बाद दोषी लोगों पर कार्रवाई भी शुरू हो जाएगी।

    इस तरह हुआ खुलासा

    पूरा फर्जीवाड़ा बड़हरा प्रखंड क्षेत्र के सिन्हा मौजा में लगभग 349 एकड़ गंगा नदी, काली मंदिर और अन्य प्रकार की सरकारी जमीन की जमाबंदी अवैध तरीके से 228 लोगों के नाम पर किये जाने से जुड़ा हुआ है। यह मामला 50 वर्ष पहले 1975-76 से जुड़ा हुआ है।

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    वर्तमान में इस मामले का उद्भेदन इसी वर्ष जनवरी में शनिवारीय बैठक के दौरान हुआ। मौके पर मौजूद तत्कालीन अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के समक्ष अजय कुमार सिंह बनाम बबन सिंह के बीच का परिवाद सामने आया, जिसमें सिन्हा पंचायत में खाता संख्या 1485 और 1486 से जुड़ा मामला था जो जमीन सरकारी है।

    जांच में पता चला की पूरा मामला 349 एकड़ से ज्यादा जमीन से जुड़ा है। इसके बाद तत्कालीन सीओ ने जमाबंदी रद करने की अनुशंसा एडीएम से कर दी थी।

    तब इस मामले को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाते हुए प्रकाशित किया था। इसके बाद विगत दिनों कलेक्ट्रेट में समीक्षा के दौरान इसकी जानकारी मिलने पर राजस्व पर्षद अध्यक्ष ने मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था।

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