भोजपुर के इंजीनियर प्रशांत का कमाल, बाढ़ में गांवों तक पहुंचेगा फ्लोटिंग वॉटर स्टेशन, मिलेगा साफ पानी
इंजीनियर प्रशांत कुमार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए फ्लोटिंग वॉटर स्टेशन बनाया है, जो पटना के नकटा दियारा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहा है।

फ्लोटिंग वाटर स्टेशन से लोगों को मिलेगा शुद्ध पानी। (जागरण)
HighLights
इंजीनियर प्रशांत कुमार ने बनाया फ्लोटिंग वॉटर स्टेशन।
बाढ़ पीड़ितों को मिल रहा प्रतिदिन 3-4 हजार लीटर शुद्ध पानी।
भविष्य में बनेगा तैरता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी।
राकेश कुमार तिवारी, बड़हरा (आरा)। बाढ़ में सड़कें डूबने और गांवों का संपर्क टूटने के बाद सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पेयजल की होती है।
ऐसे समय में बड़हरा प्रखंड के बभनगांवा निवासी अपसाइक्लिंग आर्टिस्ट इंजीनियर प्रशांत कुमार की पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए उम्मीद बनी है।
उन्होंने फ्लोटिंग हाउस के बाद अब फ्लोटिंग वॉटर स्टेशन तैयार किया है। फिलहाल पटना जिले के नकटा दियारा में इस स्टेशन के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
रोज 3 से 4 हजार लीटर साफ पानी देने में सक्षम प्रशांत कुमार ने बताया कि वाटर प्यूरीफायर के साथ दो कमरों की पूरी इकाई तैयार करने में करीब पांच लाख रुपये की लागत आती है।
यह स्टेशन प्रतिदिन तीन से चार हजार लीटर साफ पानी उपलब्ध कराने में सक्षम है, जिससे करीब 150 लोगों की रोजाना पानी की जरूरत पूरी हो सकती है।
मिल रहा शुद्ध पानी
पानी की आपूर्ति लगातार बनी रहे, इसके लिए गांव के ही एक व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गई है। वह समय पर मोटर चलाकर टंकी भरता है। खास बात यह है कि इसमें रिवर्स ऑस्मोसिस तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इससे पानी शुद्ध करने के दौरान पानी की बर्बादी नहीं होती।
बाढ़ जैसी परिस्थितियों में जहां पानी की उपलब्धता के बावजूद पीने योग्य पानी का संकट रहता है, वहां यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है। प्रशांत कुमार ने बताया कि पहली फ्लोटिंग हाउस बक्सर में बनाई गई।
इसके बाद महुली गंगा घाट पर इसका परीक्षण हुआ। फिलहाल पटना जिले के नकटा दियारा में तीसरे चरण मे बाढ़ प्रभावित लोगों को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
फ्लोटिंग हाउस से शुरू हुई पहल वर्ष 2023 में बक्सर में फ्लोटिंग हाउस का निर्माण किया गया था। इसे बाढ़, अत्यधिक गर्मी और आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता परखी गई।
फ्लोटिंग वॉटर स्टेशन
इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए फ्लोटिंग वॉटर स्टेशन तैयार किया गया है। स्टेशन में स्वयंसेवक के रहने और बुनियादी रसोई की भी व्यवस्था है।
प्रशांत कुमार ने बताया कि अगले चरण में स्टेशन के एक हिस्से को फ्लोटिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें चिकित्सक और जरूरी दवाओं की व्यवस्था कर बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जायेगी।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य आपदा आने के बाद केवल राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि बाढ़ के बीच ही आवश्यक सेवाओं को लोगों तक पहुंचाना है। भविष्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे कई फ्लोटिंग क्लाइमेट रेजिलिएंस स्टेशन विकसित करने की योजना है।
