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    बिहिया–बिहटा हाईवे संकट; ROB पर 6 महीने से भारी वाहनों की आवाजाही बंद, गांवों की सड़कों पर बढ़ा दबाव

    Updated: Tue, 05 May 2026 01:54 PM (IST)

    बिहिया स्टेशन के पास बिहिया-बिहटा स्टेट हाईवे-102 पर रेल ओवरब्रिज की मरम्मत योजना कागजों में अटकी है, जिससे पिछले छह महीनों से भारी वाहनों की आवाजाही ...और पढ़ें

    बिह‍िया आरओबी पर छह महीने से भारी वाहनों का पर‍िचालन बंद। जागरण

    बिह‍िया आरओबी पर छह महीने से भारी वाहनों का पर‍िचालन बंद। जागरण

    HighLights

    1. बिहिया आरओबी मरम्मत योजना कागजों में अटकी।

    2. छह माह से भारी वाहनों की आवाजाही बंद।

    3. ग्रामीण सड़कों पर बढ़ा दबाव, लोग परेशान।

    संवाद सूत्र, बिहिया (आरा)। दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत बिहिया स्टेशन के समीप बिहिया–बिहटा स्टेट हाईवे-102 पर स्थित रेल ओवरब्रिज (ROB) की मरम्मत योजना फिलहाल कागजों में ही उलझी नजर आ रही है।

    पूर्व मध्य रेलवे ने इस कार्य के लिए मार्च 2026 में टेंडर जारी किया था, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका है।

    11 महीनों में पूरा करने का था लक्ष्‍य 

    करीब 1.70 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 11 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके बावजूद पिछले लगभग छह महीनों से आरओबी पर भारी और बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई है।

    नतीजतन, ऐसे वाहनों को ग्रामीण सड़कों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे गांवों की सड़कें तेजी से जर्जर हो रही हैं। इस कारण स्थानीय लोगों में असंतोष और चिंता बढ़ती जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, पुल के बो-स्ट्रींग गर्डर की विशेष तकनीक से मरम्मत प्रस्तावित है। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत निविदा आमंत्रित की गई थी। 

    उसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी। वहीं, 17 मार्च 2026 से ठेकेदारों को बोली लगाने की अनुमति दी गई थी। इस कार्य के लिए 2,34,900 रुपये की अर्नेस्ट मनी तय की गई थी।

    कब पूरा होगा काम, लोगाें को इंतजार

    हालांकि, निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कार्य शुरू होने की तारीख को लेकर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टेंडर जारी होने के बाद उसकी प्रगति की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    गौरतलब है कि यह आरओबी बिहिया नगर के दो हिस्सों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी मरम्मत से न केवल पुल की आयु बढ़ेगी, बल्कि संभावित हादसों का खतरा भी कम होगा।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार, कार्य इस तरह कराया जाएगा कि रेल और सड़क यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। परियोजना पूरी होने के बाद पटना–डीडीयू रेलखंड पर परिचालन सुरक्षा और मजबूती में भी सुधार होने की उम्मीद है।