'एनकाउंटर कल्चर लोकतंत्र के लिए खतरनाक', भरत तिवारी के परिजनों से मिलने के बाद CPI-ML नेता का सरकार पर हमला
सीपीएम-एमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शाहपुर के बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इ ...और पढ़ें

परिवार से मिलते हुए दीपांकर भट्टाचार्य। फोटो जागरण
HighLights
दीपांकर भट्टाचार्य ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की।
कथित पुलिस एनकाउंटर को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
संवाद सूत्र, शाहपुर (आरा)। पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए गए एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मिलने बुधवार को सीपीएम-एमएल के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य एवं डुमरांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा बिलौटी पहुंचे।
दोनों नेताओं ने सबसे पहले भरत तिवारी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और उनका पक्ष सुना।
कानून का राज कमजोर
इस दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में कानून का राज कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। यहां पुलिस का राज हो गया है। उनका आरोप था कि भरत तिवारी का कथित एनकाउंटर गलत था।
उन्होंने कहा कि परिजनों के अनुसार पहले भरत के पिता को थाने में बैठाया गया, उनकी मां के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और बाद में भरत की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच आयोग के गठन की घोषणा की है, लेकिन केवल आयोग बना देने से न्याय नहीं मिलेगा। इस प्रकार के आयोग लीपापोती के लिए होता है, पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी है, तो उसे कानून के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। एनकाउंटर किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बहुजन पंचायत का आयोजन भी सही नहीं है। इस अवसर पर पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। मौके पर सीपीएम-एमएल के कई नेता एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।