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    आरा में बिजली विभाग का अनोखा कारनामा, नहर के बीचो-बीच गाड़ दिया बिजली का खंभा और लगा दिया ट्रांसफार्मर

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 03:54 PM (IST)

    आरा के बिहिया में बिजली विभाग ने नहर के बीचो-बीच बिजली का खंभा और ट्रांसफार्मर लगाकर एक अनोखा कारनामा किया है, जिससे भविष्य में सुरक्षा को लेकर गंभीर ...और पढ़ें

    नहर के बीचो-बीच गाड़ दिया बिजली का खंभा और लगा दिया ट्रांसफार्मर

    नहर के बीचो-बीच गाड़ दिया बिजली का खंभा और लगा दिया ट्रांसफार्मर

    HighLights

    1. बिजली विभाग ने नहर के बीचो-बीच लगाया ट्रांसफार्मर।

    2. किसानों और उपकरणों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।

    3. अधिकारियों ने संज्ञान में आने पर शिफ्ट करने का दिया आश्वासन।

    संवाद सूत्र, बिहिया (आरा)। बिजली विभाग अपने अनोखे कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। कहीं बाग-बगीचों के बीच से बिजली के तार गुजरते हैं तो कहीं हल्की बारिश और हवा में आपूर्ति ठप हो जाती है। लो वोल्टेज, तार टूटने और ट्रांसफार्मर जलने जैसी समस्याओं से भी उपभोक्ता परेशान रहते हैं। 

    नहर के बीच में गाड़ दिया पोल

    अब विभाग की कार्यप्रणाली का एक ऐसा नजारा सामने आया है, जिसे देखकर लोग विभाग की ‘सोच’ को सलाम करने को मजबूर हैं। खेतों के बीच से गुजर रही नहर के किनारे नहीं, बल्कि बीच में पोल गाड़कर उस पर विद्युत ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। 

    फिलहाल विभागीय उपेक्षा के कारण नहर में पानी नहीं है, लेकिन भविष्य में यदि नहर का जीर्णोद्धार हुआ और इसमें पानी का बहाव शुरू हुआ तो विद्युत उपकरण और आसपास काम करने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

    किसानों को खेत में जाने से लगता है डर

    ट्रांसफार्मर के आसपास बिजली के तारों का उलझा हुआ जाल भी दिखाई देता है। इसके पास ही खेत हैं, जहां किसान खेती का काम करते हैं। ऐसे में विद्युत उपकरणों की स्थापना के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना ध्यान रखा गया, यह जांच का विषय है।

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    बताया जाता है कि यह ट्रांसफार्मर जगदीशपुर प्रखंड के हेतमपुर की ओर से उतरने वाली नहर से गंगाजल डिहरी गांव के पूरब बिहिया प्रखंड के महुआंव गांव की ओर आने वाली नहर के बीचो बीच लगाया गया है। 

    महुआंव गांव के मन जी यादव, कमल सिंह, बिंदा सिंह समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के उपकरणों की स्थापना के दौरान सुरक्षा मानकों के साथ-साथ भविष्य की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। बताते चलें कि बिजली विभाग द्वारा पोल, तार और ट्रांसफार्मर लगाने सहित कई कार्य ठेके के माध्यम से कराए जाते हैं।

    नहीं हुआ काम का निरीक्षण

    कई बार ठेकेदार जैसे तैसे काम पूरा कर निकल जाते हैं, जबकि कार्य की गुणवत्ता और स्थल की उपयुक्तता की निगरानी विभागीय स्तर पर होनी चाहिए। यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्य के दौरान स्थल का समुचित निरीक्षण किया गया होता तो शायद नहर के बीच ट्रांसफार्मर लगाने जैसी स्थिति सामने नहीं आती। 

    विद्युत अवर प्रमंडल जगदीशपुर /बिहिया के कार्यपालक अभियंता राकेश चौधरी से यह सवाल करने पर उनका कहना था कि संज्ञान में आया तो शीघ्र ही ट्रांसफार्मर शिफ्ट किया जाएगा।

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