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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विराट कोहली बनने का जुनून लिए नेपाल से भाग भारत पहुंचे दो किशोर, चंद दिनों में पैसे हुए खत्‍म तो हुआ सच से सामना...

    Updated: Fri, 22 Dec 2023 12:50 PM (GMT+05:30)

    आंखों में विराट कोहली जैसा बनने का सपना लिए नेपाल से दो किशोर भारत आ गए। कुछ दिनों बाद पैसे खत्‍म हो गए तो इनका हाल बेहाल हो गया। कड़ाके की ठंड में ठि ...और पढ़ें

    नेपाल के दोनो किशोर को लेने कोईलवर स्वजनो पहुंचे स्वजन।
    नेपाल के दोनो किशोर को लेने कोईलवर स्वजनो पहुंचे स्वजन।

    संवाद सूत्र, कोईलवर। हीरो बनने की चाहत में लोग गांव से मुम्बई पहुंच जाते हैं, जिनमें कई इस मुकाम को हासिल भी कर लेते हैं। ऐसे ही दो किशोर भटकते हुए भोजपुर जिला के कोईलवर पहुंच गये। जिन्होंने क्रिकेटर विराट कोहली जैसा बनने का सपना लिए नेपाल से भारत का सफर तय कर लिया, लेकिन पैसे की तंगी और पेट की भूख दोनों किशोर को सड़क पर ला दिया और भटक कोईलवर आ पहुंचे। 

    विराट कोहली जैसा बनने का सपना देखते हैं दो किशोर

    इसकी सूचना नगर कोईलवर के मुख्य पार्षद सरताज आलम को मिली, तो उन्होंने दोनों किशोर को बुलाया, जो मैले कुचले एक कपड़े में ठिठुरते हुये उनके पास पहुंचे। दोनों ने बताया कि वे नेपाल के हैं और भारत के सुपर स्टार विराट कोहली और नेपाल के क्रिकेटर क्रुशेल भुटेल जैसा बनना चाहते हैं।

    मुख्य पार्षद ने सबसे पहले दोनों को पहनने के लिए कपड़े जूते और जैकेट खरीदा। उसके बाद उससे बातचीत की, तो जानकारी हुई कि वे नेपाल के कम्लडण्डा, मकवानपुर रौहडा के हैं। जिनमें एक का नाम आयुष कुमार यादव, पिता अरुण कुमार यादव तो दूसरा हैदर अली, पिता कर्मचारी मियां है। दोनों की उम्र तेरह और बारह साल है। 

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    भारत आकर कुछ ही दिनों में पैसे हो गए खत्‍म

    बड़े क्रिकेटर बनने की जुनून में दोनों दोस्त घर से एक-एक हजार रुपया (नेपाली) लेकर पन्द्रह दिन पहले निकले थे, जो रैक्सोल होते हुए पटना आये और चारमीनार क्रिकेट अकादमी दिल्ली के लिए ट्रेन से निकले।

    इस कड़ाके की ठंड में दिल्ली पहुंच भटकने लगे, पेट की भूख और पैसा खत्म होने पर एक सप्ताह बाद पुनः ट्रेन से पटना आ गये और कई रात स्टेशन पर गुजरा।

    ये इधर-उधर मांग कर खाने लगे। फिर घर की याद आयी, तो पटना से पैदल ही घर के लिए निकले गये और ट्रेन पटरी के रास्ते कोईलवर पहुंच गये। जहां गांव की महिलाओं की नजर पड़ी, तो उन्‍हें मुख्य पार्षद के पास लेकर पहुंची। जिन्होंने दोनों के परिजन से मोबाइल पर बात किया। जिनके स्वजन गुरुवार-शनिवार की रात एक बजे कोईलवर पहुंचे और दोनों को लेकर नेपाल के लिए निकल गये। 

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    बच्‍चों ने की पीएम मोदी और जय शाह की तारीफ

    दोनों किशोर से बात करने पर बताया कि उन्हें बड़ा क्रिकेटर बनना है। नेपाल में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित नहीं किया जाता है। एक अकादमी भी है तो सिर्फ कैच प्रैक्टिस का अभ्यास कराते हैं।

    उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, बीसीसीआई के अध्यक्ष जय शाह की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में क्रिकेटर के लिए कई अकादमी है, जिससे अच्छे खिलाड़ी निकलते है और आईपीएल जैसा प्लेटफॉर्म मिलता है, जिससे कई बड़े क्रिकेटर अंतराष्ट्रीय मैच में अपना जौहर दिखा रहे है। वो भी ऐसा बनना चाहते है। दोनों किशोर ऑल राउंडर है और नेपाल में चौथी कक्षा में पढ़ते हैं।

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