बिहार सरकार का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का दायरा बढ़ा, हजारों मरीजों को मिलेगा लाभ
बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले से हजारों आर्थिक रूप से कमजोर मरीज ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री चिकित्सा कोष का बढ़ा दायरा।
HighLights
आय सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये हुई।
गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज में मिलेगी आर्थिक मदद।
जयप्रभा मेदांता अस्पताल के मरीजों को भी राहत।
जागरण संवाददाता, बक्सर। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष (सीएमएमएएफ) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
अब इस योजना का लाभ लेने के लिए वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी गई है। इस फैसले से पहले की तुलना में अधिक संख्या में जरूरतमंद परिवार सरकारी आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च उठाने में उन्हें राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बाद नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
इसके तहत अब जिन परिवारों की वार्षिक आय चार लाख रुपये तक है, वे मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के लिए पात्र होंगे।
अधिक मरीजों को मिलेगा लाभ
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आय सीमा बढ़ाए जाने से बड़ी संख्या में ऐसे मरीज योजना के दायरे में आ जाएंगे, जो अब तक आय सीमा अधिक होने के कारण इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को इससे इलाज कराने में आर्थिक सहारा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के माध्यम से गंभीर और महंगे इलाज के लिए पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। नई व्यवस्था लागू होने से जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए पहले से अधिक सुविधा मिलेगी।
मेदांता अस्पताल के मरीजों को भी राहत
राज्य सरकार ने जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कंकड़बाग (पटना) में आरक्षित 25 प्रतिशत बेड पर रेफरल के माध्यम से भर्ती होने वाले मरीजों के लिए भी आय सीमा बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी है।
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ऐसे मरीज, जिनके इलाज पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करती है, अब वे भी नई आय सीमा के तहत इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे महंगे सुपर स्पेशियलिटी इलाज के लिए पात्र मरीजों की संख्या बढ़ेगी।
गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी आर्थिक मदद
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से जोड़ना है।
कैंसर, हृदय रोग, किडनी, न्यूरो, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाले भारी खर्च को देखते हुए यह फैसला मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
सरकार के इस निर्णय से अब चार लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले हजारों परिवार आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।