बक्सर बाईपास निर्माण में देरी की वजह आई सामने: रांची के इंतजार में अटका है मामला
बक्सर में गोलंबर से ज्योति चौक तक प्रस्तावित बाईपास सड़क का निर्माण पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण रुका हुआ है ...और पढ़ें

बक्सर गोलंबर से ज्योति चौक तक बननी है बाईपास सड़क। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बाईपास निर्माण पेड़ों की कटाई के कारण प्रभावित हो रहा है।
वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र का इंतजार जारी है।
रांची मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही कार्य में तेजी आएगी।
जागरण संवाददाता, बक्सर। गोलंबर से ज्योति चौक तक प्रस्तावित बाईपास सड़क निर्माण कार्य इन दिनों पेड़ों की कटाई नहीं होने के कारण प्रभावित हो रहा है।
निर्माण कार्य के लिए आवश्यक वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र अभी तक जारी नहीं होने से योजना की गति धीमी पड़ गई है।
विभागीय स्वीकृति मिलते ही पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे बाईपास निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
इस सड़क के चौड़ीकरण में 300 से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। इनकी भरपाई के लिए केशाेपुर के पास पौधे लगाने की योजना है।
वन विभाग से जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद
वनों के क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि बाईपास निर्माण के लिए जिन पेड़ों की कटाई की जानी है, उसके बदले पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।
इसके लिए सिमरी प्रखंड के केसोपुर में भूमि चिन्हित की गई है। हालांकि, इस भूमि पर पौधारोपण की स्वीकृति अभी वन विभाग के रांची स्थित मुख्यालय से प्राप्त होनी बाकी है।
उन्होंने बताया कि स्वीकृति पत्र प्राप्त करने के लिए विभाग की ओर से रांची कार्यालय को पत्र भेजा गया है। जैसे ही वहां से अनुमति मिलेगी, पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण को एक पेड़ के बदले लगेंगे तीन पौधे
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक कटने वाले पेड़ के बदले तीन नए पौधे लगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बाईपास बनने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन अधिक सुगम बनेगा।
लेकिन वन विभाग की औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण फिलहाल निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। अब सभी की निगाहें रांची से मिलने वाली स्वीकृति पर टिकी हैं, जिसके बाद बाइपास परियोजना में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।