बक्सर में गंगा ने पार किया चेतावनी बिंदु, खतरे के निशान की ओर बढ़ा जलस्तर; तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता
बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जिससे ...और पढ़ें

रामरेखा घाट पर विवाह मंडप में भरा बाढ़ का पानी। जागरण
HighLights
बक्सर में गंगा जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर खतरे की ओर।
कर्मनाशा और बलिया में गंगा ने खतरे का निशान पार किया।
प्रशासन ने बाढ़ राहत और बचाव की तैयारियां पूरी कीं।
जागरण संवाददाता, बक्सर। 17 अगस्त से तूफानी रफ्तार से बढ़ रही गंगा शनिवार की सुबह 10 बजे बक्सर में चेतावनी बिंदु को पार कर अब खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है।
हालांकि, शुक्रवार को जहां दो सेमी की रफ्तार थी वह आधी रात से कम होकर एक सेमी रह गई है। उधर गाजीपुर में गंगा अब खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है वहीं, वाराणसी और प्रयाग में गंगा तथा नैनी में यमुना लगतार बढ़ रही है।
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के अनुसार शुक्रवार को दोपहर से ही दो सेमी की रफ्तार से वृद्धि जारी थी और रात 10 बजे तक जलस्तर 59.20 मीटर रिकार्ड किया गया था।
शनिवार सुबह 60 मीटर के करीब पहुंचा जलस्तर
इसके बाद एक सेमी की रफ्तार हो गई। इस प्रकार शनिवार की सुबह छह बजे 59.28 मीटर, आठ बजे 59.30 मीटर रिकार्ड किया गया।
इसके साथ ही सुबह 10 बजे बक्सर में चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर पहुंचने के बाद 11 बजे 59.33 मीटर दर्ज किया गया है। उधर गाजीपुर और वाराणसी में भी रफ्तार घटकर एक सेमी होने की सूचना है।
जबकि प्रयाग में गंगा और नैनी में यमुना की वृद्धि दो सेमी की रफ्तार से होने की सूचना है। इधर चौसा में कर्मनाशा और बलिया में गंगा के खतरे का निशान पार कर जाने के बाद बाढ़ का पानी अब खेतों से होते हुए रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है।
रामरेखा घाट के ऊपर आया पानी
बक्सर के रामरेखा घाट के उपर पानी आ गया है जबकि पुराने विवाह मंडप में करीब डेढ़ फीट से अधिक पानी आने के साथ ही नया विवाह मंडप में भी पानी भरने लगा है।
इस बीच गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोग मवेशियों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने लगे हैं। सदर एसडीओ अविनाश कुमार ने बताया कि बाढ़ आने की स्थिति में राहत और बचाव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गंगा घाटों पर आदमी तैनात कर लोगों को स्नान करने से रोका जा रहा है साथ ही जगह-जगह पर चेतावनी बोर्ड भी लगा दिया गया है। प्रशासन की स्थिति पर लगातार निगाह बनी है।
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