स्कूल से बचने के चक्कर में छात्र ने गढ़ी अपहरण की कहानी, पुलिस ने किया पर्दाफाश
सिमरी, बक्सर में एक नाबालिग छात्र ने स्कूल जाने से बचने के लिए अपने अपहरण का झूठा नाटक रचा। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तीन घंटे के भीतर मामले क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
नाबालिग छात्र ने स्कूल से बचने को गढ़ा अपहरण का नाटक।
बक्सर पुलिस ने तीन घंटे में किया मामले का पर्दाफाश।
छात्र ने डांट के डर से बनाई थी झूठी कहानी।
संवाद सहयोगी, सिमरी (बक्सर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव से मंगलवार को सामने आए नाबालिग छात्र के कथित अपहरण प्रयास की सूचना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। कुछ ही देर में यह खबर गांव-गांव फैल गई और लोग आशंकाओं से घिर गए। लेकिन पुलिस की तत्परता और सूझबूझ भरी जांच के चलते महज तीन घंटे के भीतर ही पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। दरअसल किसी तरह का अपहरण हुआ ही नहीं था, बल्कि नाबालिग छात्र ने स्वयं ही यह कहानी गढ़ी थी।
स्कूल जाने के लिए घर से निकला था बच्चा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वह छात्र मंगलवार की सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। स्कूल जाने की बजाय वह सीधे बक्सर चला गया। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा, तो स्वजन घबरा गए। इसी बीच बच्चे ने अपने पिता को फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उसे बक्सर में छोड़कर भाग गए।
यह सुनते ही परिवार के लोग घबराए हुए बक्सर पहुंचे और बच्चे को लेकर सिमरी थाना आए। इसके बाद अपहरण के प्रयास को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिमरी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। संभावित मार्गों, सीसीटीवी फुटेज और बच्चे के बयान के आधार पर जांच शुरू की गई।
बार-बार बदल रहा था बयान
पूछताछ के दौरान छात्र बार-बार बयान बदलता रहा, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। कड़ी पूछताछ में आखिरकार बच्चे ने अपने पिता और मामा के सामने सच्चाई स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह स्कूल नहीं जाना चाहता था और घर लौटने पर डांट पड़ने के डर से उसने अपहरण की झूठी कहानी बना दी।
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थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी ने बताया कि यह मामला पूरी तरह से अफवाह और बच्चे की नासमझी का परिणाम था। पुलिस ने बच्चे को समझा-बुझाकर परिवार के हवाले कर दिया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को समझें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
मामले के खुलासे के बाद पुलिस, प्रशासन और परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं इलाके में फैली अफवाहों पर भी पूर्ण विराम लग गया।