जेल से बाहर आएंगे भगवान वामन! बक्सर के ऐतिहासिक मंदिर को लेकर बिहार कैबिनेट का फैसला
बिहार कैबिनेट ने बक्सर के बहुप्रतीक्षित वामन भगवान मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर की चारदीवारी से बाहर निकालने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले ...और पढ़ें

भगवान वामन को लेकर सीएम सम्राट चौधरी की कैबिनेट का अहम फैसला।
HighLights
बिहार कैबिनेट ने वामन मंदिर को जेल परिसर से अलग करने को मंजूरी दी।
मंदिर के लिए 1.90 एकड़ भूमि जेल परिसर से अलग की जाएगी।
यह निर्णय धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की पहुंच बढ़ाएगा।
जागरण संवाददाता, बक्सर। बिहार सरकार ने बक्सर के बहुप्रतीक्षित वामन भगवान मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर की चारदीवारी से बाहर निकालने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है।
बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय कारा, बक्सर की भूमि से मंदिर परिसर को अलग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
सरकार के इस निर्णय के बाद अब मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सहज प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसके लिए सरकार ने पहले ही डीएम के माध्यम से प्रस्ताव मांगा था।
1.90 एकड़ भूमि जेल परिसर से निकालकर मंदिर के लिए चिह्नित
जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर सरकार सहमत हो गयी है। सदर विधायक आनंद मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय बक्सर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार केंद्रीय कारा, बक्सर की कुल 1 एकड़ 90 डिसमिल (600 फीट × 138 फीट) भूमि, जिस पर भगवान वामन का मंदिर स्थित है, को मंदिर के लिए चिह्नित कर जेल परिसर से अलग किया जाएगा।
साथ ही कारा की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए मंदिर परिसर के तीन ओर कंटीले तार सहित 14 फीट ऊंची नई चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।
शेष दिशाओं में पहले से ही मजबूत चारदीवारी है। सरकार का उद्देश्य मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।
लंबे समय से उठ रही थी स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय नागरिक वर्षों से मंदिर को जेल परिसर से अलग करने की मांग कर रहे थे। बीते 23 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंदिर आगमन के बाद इस मांग के पूरा होने की उम्मीद और मजबूत हुई थी।
इससे पहले 25 मार्च को समृद्धि यात्रा के दौरान तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि भगवान वामन के मंदिर को केंद्रीय कारा की चारदीवारी से बाहर निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा था कि 'भगवान को जेल में नहीं रखा जा सकता।' मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और अब कैबिनेट से निर्णय लेकर अपने वादे को पूरा किया है।
मंदिर की स्थिति और नई व्यवस्था
बक्सर केंद्रीय कारा में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। मुख्य जेल परिसर के बाहर भी एक अलग चहारदीवारी है, जिसके भीतर आवासीय परिसर एवं हरित क्षेत्र मौजूद हैं।
भगवान वामन का मंदिर इसी बाहरी हिस्से के एक कोने में स्थित है। इससे पहले केंद्रीय कारा के दक्षिण-पूर्वी हिस्से से सदर अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के लिए भी भूमि अलग की जा चुकी है।
स्थानीय लोगों की मांग रही है कि मंदिर परिसर को स्वतंत्र रखते हुए जेल की घेराबंदी नए सिरे से कराई जाए। सरकार के ताजा निर्णय से इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का केंद्र है वामन मंदिर
बक्सर की पहचान भगवान विष्णु के पंचम अवतार भगवान वामन से जुड़ी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान वामन का अवतार बक्सर के सिद्धाश्रम (चरित्रवन) क्षेत्र में हुआ था।
खबरें और भी
केंद्रीय कारागार परिसर में स्थित यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर के गर्भगृह में बटुक वामन की प्रतिमा तथा वामनेश्वर शिवलिंग स्थापित हैं।
अंग्रेजी शासन के दौरान केंद्रीय जेल बनने के बाद यह मंदिर जेल परिसर के भीतर आ गया था। मंदिर में वामन जयंती सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होते रहे हैं, लेकिन जेल प्रशासन के नियंत्रण के कारण आम श्रद्धालुओं की नियमित पहुंच सीमित रही।
वामन द्वादशी पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
प्रत्येक वर्ष भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के अवसर पर वामन जयंती पर मंदिर परिसर तथा सामने स्थित गंगा तट पर विशाल धार्मिक मेला आयोजित होता है।
दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु भगवान वामन के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर को स्वतंत्र स्वरूप मिलने के बाद धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा ने बताया ऐतिहासिक निर्णय
भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी ने इसे बक्सर की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले से वामन भगवान मंदिर को स्वतंत्र पहचान मिलेगी तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
भाजपा ने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी, विधायक आनंद मिश्रा तथा भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन के प्रयासों को भी दिया है। पार्टी के अनुसार इस निर्णय से जिले में खुशी का माहौल है और इसे बक्सर के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।