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    बक्सर में आधे घंटे की बारिश से लबालब हुआ शहर, सड़कों में भरा पानी

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 06:06 PM (IST)

    बक्सर में कुछ घंटों की बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया, जिससे जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। नए परिसीमन वाले क्षेत्रों में स्थिति बदतर है, जिससे न ...और पढ़ें

    सड़कों में भरा पानी। फोटो जागरण

    सड़कों में भरा पानी। फोटो जागरण

    HighLights

    1. बक्सर में कुछ घंटों की बारिश से शहर जलमग्न।

    2. नए परिसीमन क्षेत्रों में जलनिकासी की स्थिति बदतर।

    3. निवासियों में नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश।

    जागरण संवाददाता, बक्सर। नगर परिषद क्षेत्र में हुई झमाझम वर्षा ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोल दी है। कुछ घंटों की वर्षा के बाद शहर के विभिन्न इलाके जलमग्न हो गए हैं।

    नए परिसीमन के तहत शामिल क्षेत्रों में स्थिति सबसे खराब है, जिससे नगर परिषद के वार्डों की संख्या 33 से बढ़कर 42 हो गई है। शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद स्थानीय नागरिकों को जमीनी हकीकत का सामना करना पड़ रहा है, जहां जलनिकासी की समस्या के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

    शहर के कई मुख्य मार्गों और रिहायशी कालोनियों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। गोलंबर के पास से छोटकी सारीमपुर जाने वाले मार्ग पर आवागमन ठप होने की कगार पर है, जबकि मित्रलोक कॉलोनी में पानी लोगों के घरों के मुहाने तक पहुंच गया है।

    बाजार समिति के पश्चिमी छोर और नई बाजार के उत्तरी इलाके में निकासी न होने से खाली प्लॉट तालाब बन गए हैं। सुमेश्वर स्थान, जासो रोड, पांडेयपट्टी और गजाधरगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

    स्थानीय निवासियों में नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र का विस्तार कर टैक्स का दायरा बढ़ा दिया गया, लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। मानसून से पहले कागजी तौर पर होने वाली नालों की सफाई का नतीजा पहली ही वर्षा में सामने आ गया है। यदि जल्द ही बड़े नालों का निर्माण नहीं किया गया, तो स्थिति और भयावह हो जाएगी।

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