आखिरी बार गिरा गुमटी 70बी का गेट, गुजरीं दो ट्रेनें; अब यादों में ही रहेगा बक्सर का यह रेलवे फाटक
बक्सर की ऐतिहासिक पूर्वी इटाढ़ी रोड रेलवे गुमटी 70बी को रविवार को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। यह कदम ट्रेनों की गति बढ़ाने, सुरक्षित परिचालन सुनिश् ...और पढ़ें

रेलवे गुमटी बंद करते रेलकर्मी। जागरण
HighLights
बक्सर की पूर्वी इटाढ़ी रोड रेलवे गुमटी स्थायी रूप से बंद।
ट्रेनों की गति बढ़ाने और सुरक्षित परिचालन हेतु निर्णय।
भारी वाहनों के लिए अब नया ओवरब्रिज ही एकमात्र विकल्प।
जागरण संवाददाता, बक्सर। शहर की लाइफलाइन और दक्षिणी इलाके को जोड़ने वाली ऐतिहासिक पूर्वी इटाढ़ी रोड रेलवे गुमटी 70बी रविवार को हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।
रेलवे प्रशासन और सिविल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में इस व्यस्त क्रासिंग को स्थाई रूप से बंद कर दिया गया। बंद होने के बाद पहली गाड़ी के रूप में अप में पटना वाराणसी मेमू तो डाउन में उधना-दानापुर एक्सप्रेस गुजरी।
बंद होने के साथ ही इस रास्ते से चार पहिया और भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थानीय यातायात की सूरत पूरी तरह बदलने वाली है।
10 बजे गुजरी अंतिम गाड़ी
घोषणा के मुताबिक क्रासिंग को बंद करने का समय सुबह 9 बजे निर्धारित किया गया था। हालांकि तकनीकी टीम और रेलवे के प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने में थोड़ी देरी हुई।
इसके बाद, सुबह लगभग 10 बजे अंतिम बार इस क्रासिंग का ड्राॅप गेट गिराया गया। लोगों के लिए यह सिर्फ एक रेलवे गेट नहीं बल्कि उनके दैनिक जीवन और शहर की यादों का एक बड़ा हिस्सा था।
अब यह स्थान केवल लोगों की स्मृतियों में ही शेष रह जाएगा। पहले दिन सूचना के अभाव में कई वाहन चालक अनजाने में इस रास्ते पर आते रहे और फिर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
विशेषकर बाहरी जिलों और ग्रामीण इलाकों से आने वाले बड़े वाहनों, ट्रकों और ट्रैक्टरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे गुमटी के पास अचानक बैरिकेडिंग देखकर चालकों में भ्रम की स्थिति बनी रही।

राहगीरों को पहले दिन हुई परेशानी
स्थानीय लोगों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों द्वारा समझाए जाने के बाद वाहनों को नवनिर्मित ओवरब्रिज की तरफ मोड़ना पड़ा।
अब शहर से दक्षिण दिशा इटाढ़ी, धनसोंई, दिनारा, सासाराम आदि की ओर जाने वाले सभी बड़े वाहनों को नए रूट और ओवरब्रिज का सहारा लेना होगा।
क्राॅसिंग बंद करने के दौरान तकनीकी अधिकारी के रूप में महेन्द्र कुमार, स्टेशन मैनेजर रजत सक्सेना, आरपीएफ इंस्पेक्टर कुंदन कुमार समेत अन्य कर्मी मौजूद रहे।
विकास की राह में बदला भूगाेल
यह पहली बार नहीं है जब बक्सर में किसी प्रमुख रेलवे क्राॅसिंग को बंद किया गया हो। इससे पूर्व भी बक्सर स्टेशन के समीप स्थित एक व्यस्त क्राॅसिंग को बंद किया जा चुका है, जिसका आज नामोनिशान तक नहीं बचा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने, सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने और बार-बार लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को मुक्ति दिलाने के लिए इस गुमटी को बंद करना अनिवार्य था।
हालांकि, इस बदलाव से शहर के दक्षिणी छोर पर बसे व्यवसायियों और राहगीरों को शुरुआत में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन भविष्य के सुगम यातायात के लिए इसे एक बड़ा और कड़ा कदम माना जा रहा है।
केबिन मैन का पोस्ट हमेशा के लिए खत्म
बंद होने के साथ वहां पर साढ़े तीन मानव बल जो केबिन मैन के रूप में कार्यरत थे का पोस्ट भी हमेशा के लिए खत्म हो गया।
स्टेशन मैनेजर रजत सक्सेना ने बताया कि बंद होने के बाद यहां कार्यरत कर्मियों को स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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