8 महीने से नहीं मिली सैलरी, बक्सर में कटोरा लेकर धरने पर बैठीं RDO अल्पिका सिंह
ब्रह्मपुर प्रखंड में आरडीओ अल्पिका सिंह और बीडीओ सोनू कुमार के बीच वेतन भुगतान और मानसिक उत्पीड़न को लेकर विवाद गहरा गया है।

धरने पर बैठीं महिला पदाधिकारी। (सोशल मीडिया)
HighLights
आरडीओ अल्पिका सिंह ने बीडीओ पर वेतन रोकने का आरोप लगाया।
वेतन भुगतान के बाद भी आरडीओ की अनुपस्थिति की जांच होगी।
जिलाधिकारी ने बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा, मामले की जांच के आदेश।
संवाद सहयोगी, ब्रह्मपुर (बक्सर)। प्रखंड कार्यालय में ग्रामीण विकास अधिकारी अल्पिका सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी के बीच चल रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है।
आठ महीने तक बीडीओ द्वारा वेतन नहीं दिए जाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाकर महिला अधिकारी द्वारा पिछले शुक्रवार को कार्यालय के बाहर कुछ समय तक कटोरा लेकर धरना दिए जाने और उनके विरुद्ध प्रतिवेदनों की जांच किए बिना वेतन भुगतान को लेकर कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं।
दूसरी तरफ प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा महिला अधिकारी को लगातार कई महीनो तक अनुपस्थित रहने, बॉयोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाने, स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने संबंधी प्रतिवेदन जिला अधिकारी और उप विकास आयुक्त के पास भेजा गया है।
इस साल अप्रैल महीने से ही प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान बॉयोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर ही किया जाता है।
लेकिन इस मामले की जांच किए बिना वेतन भुगतान को लेकर कर्मचारी भी सवाल उठाने लगे हैं। आनन-फानन में वेतन भुगतान कर दिए जाने के बाद बीडीओ द्वारा भेजे गए कई प्रतिवेदन में महिला अधिकारी के गायब रहने संबंधी मामले जांच के दायरे में है।
चर्चा यह भी है कि इस पूरे घटनाक्रम में एक स्थानीय अधिकारी द्वारा पर्दे के पीछे से तूल दिया गया। अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
वहीं, महिला अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति, बॉयोमेट्रिक हाजिरी और वेतन भुगतान से जुड़े पूरे मामले की भी जांच कराने की बात सामने आई है।
वेतन रोकने का अधिकार नहीं
प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार ने बताया कि आरडीओ का वेतन रोकने का अधिकार मुझे नहीं है। बॉयोमेट्रिक उपस्थिति का विवरण कोषागार में भेज देता हूं और कोषागार पदाधिकारी द्वारा वेतन का भुगतान किया जाता है।
दो माह के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति भी नहीं मिली है। लगातार कई महीने तक गायब रहने और बॉयोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाने का प्रतिवेदन भेजता रहा।
महिला अधिकारी द्वारा पूरी तरह बे बुनियाद और गलत आरोप लगाए गए हैं। अगस्त महीने में ही आवास का आवंटन कर दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में पूछे जाने पर महिला अधिकारी अल्पिका सिंह ने फिलहाल कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा कि अब इस मामले में मुझे कुछ नहीं कहना है।
चौगाई में महिला अधिकारी से पूछा गया था स्पष्टीकरण
ग्रामीण विकास अधिकारी अल्पिका सिंह पिछले साल कुछ महीना तक चौगाई प्रखंड के प्रभार में थी। उसे दौरान उनके द्वारा कई तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जिला अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया था।
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