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    सिमरी आयुर्वेदिक अस्पताल खुद हुआ 'बीमार', न खुलने का समय तय, न मिल रही दवा; दलालों को दवा बेचने का आरोप

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 02:55 PM (IST)

    सिमरी में सरकारी आयुर्वेदिक औषधालय खराब स्थिति में है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह नियमित रूप से नहीं खुलता और मरीजों को दवाएं नहीं मिलतीं। ...और पढ़ें

    सिमरी आयुर्वेदिक अस्पताल खुद हुआ बीमार

    सिमरी आयुर्वेदिक अस्पताल खुद हुआ बीमार

    HighLights

    1. सिमरी आयुर्वेदिक औषधालय नियमित रूप से नहीं खुलता।

    2. अस्पताल में दवाओं की भारी कमी, मरीज निराश।

    3. दलालों को महंगी आयुर्वेदिक दवाएं बेचने का आरोप।

    संवाद सहयोगी, सिमरी (बक्सर)। आम जनता को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा सिमरी में राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय की स्थापना की गई थी। इसके संचालन के लिए चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी की गई, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि अस्पताल स्वयं इलाज का मोहताज बन गया है। 

    ग्रामीणों का आरोप है कि औषधालय नियमित रूप से खुलता ही नहीं है। अस्पताल कब खुलता और कब बंद होता है, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं रहती। दूर-दराज से आने वाले मरीज अक्सर निराश होकर लौट जाते हैं। 

    अस्पताल परिसर में आयुर्वेदिक दवाओं की उपलब्धता से संबंधित कोई सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे मरीजों को यह तक पता नहीं चल पाता कि यहां कौन-कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं। 

    अस्पताल में एक भी दवा उपलब्ध नहीं 

    केंद्र पर प्रतिनियुक्त एक चिकित्सा कर्मी के अटेंडेंट अमरेश सिंह ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में एक भी दवा उपलब्ध नहीं है। दवाओं की मांग भेजी गई है, लेकिन दवा कब तक आएगी, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। इस बयान से अस्पताल की व्यवस्था पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं। 

    वहीं स्थानीय जानकारों का दावा है कि केंद्र पर आयुर्वेद की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जरूरतमंद मरीजों को नहीं दी जा रही हैं। कुछ लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महंगी आयुर्वेदिक दवाएं दलालों के माध्यम से मेडिकल स्टोर तक पहुंचाई जा रही हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

    औषधालय की कार्यप्रणाली की जांच करने की मांग

    इस संबंध में केंद्र पर प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया, किंतु संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष नहीं मिल पाने से स्थिति और भी अस्पष्ट बनी हुई है। 

    खबरें और भी

    ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से औषधालय की कार्यप्रणाली की जांच कर नियमित संचालन सुनिश्चित कराने तथा दवा वितरण में पारदर्शिता लाने की मांग की है।