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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Land Survey: नीतीश सरकार ने जमीन मालिकों को कर दिया खुश, सर्वे की सबसे बड़ी टेंशन खत्म!

    Updated: Mon, 14 Apr 2025 04:50 PM (IST)

    बिहार में भूमि सर्वेक्षण (Bihar Bhumi Survey) का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रैयतों द्वारा प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3 जमा करने की अंतिम तिथ ...और पढ़ें

    जमाबंदी के आधार पर अभी तक 60 प्रतिशत जमीन मालिकों ने ही अपलोड किए डॉक्युमेंट्स
    जमाबंदी के आधार पर अभी तक 60 प्रतिशत जमीन मालिकों ने ही अपलोड किए डॉक्युमेंट्स

    HighLights

    1. जमाबंदी के आधार पर अभी तक 60 प्रतिशत रैयतों ने ही अपलोड किए डॉक्युमेंट
    2. सर्वे को लेकर रैयतों को राहत, डॉक्युमेंट अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाई गई

    जागरण संवाददाता, दरभंगा। बिहार में जमीन सर्वे (Bihar Land Survey) का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत रैयतों के द्वारा प्रपत्र-2 में स्वघोषणा और प्रपत्र-3 में वंशावली से संबंधित सूचना अपलोड या जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी।

    विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने एक निजी चैनल को दिए बयान में कहा कि सर्वे के तहत प्रपत्र 2 और 3 को अपलोड करने की अंतिम तिथि को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है।

    तारीख को कब तक बढ़ाया गया है? इसे लेकर उन्होंने किसी प्रकार की कोई जानकारी फिलहाल नहीं दी। हालांकि, बाजार में अफवाहों का बाजार गर्म है कि 15 अप्रैल अंतिम तिथि है।

    जमीन मालिकों में अफरातफरी का माहौल

    इसे लेकर रैयतों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। अधिकांश रैयत अभी भी अपना दावा अपलोड नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि जिले में जमाबंदी के आधार पर 65 प्रतिशत रैयत ही अभी तक कागज अपलोड कर पाए हैं।

    वहीं, रैयतों का कहना है कि अभी भी अभिलेखागार में जमीन सबंधित कई दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं। जिसके कारण रैयत परेशान हैं। वैसे मंत्री ने कहा है कि रैयत के पास जितने कागज उपलब्ध हैं। उसी के आधार पर ब्योरा अपलोड करें। इससे जमीन मालिकों की टेंशन काफी हद तक कम होगी।

    जमीन विवादों को खत्म करना चाहती है सरकार

    बताया गया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग जमीन विवाद को समाप्त कराने की तैयारी में है। इसके लिए जमीन का सर्वे प्रक्रियाधीन है। इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो, लिपिक, राजस्व कर्मचारी, प्रधान लिपिक, सहित 85 लोगों की टीम काम कर रही है।

    खबरें और भी

    जमीन सर्वे को लेकर 18 अंचल के 1238 राजस्व ग्राम में आम सभा किया जा चुका है। भूमि सर्वेक्षण के लिए रैयत जमीन से संबंधित दस्तावेज के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन जमा कर रहे हैं।

    भूमि को लेकर किया जा रहा है हवाई सर्वेक्षण:

    बताया जा रहा है कि विभाग ने जमीन सर्वे को लेकर हवाई सर्वेक्षण कर ऑर्थो फोटोग्राफी तैयार कर लिया है। विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त विभाग की मानें तो ऑर्थो फोटोग्राफी के आधार पर संबंधित क्षेत्र का नक्शा भी तैयार कर लिया गया है।

    जमाबंदी है कायम:

    विभागीय आंकड़े के अनुसार, जिले में 15 लाख 23 हजार 332 जमाबंदी कायम हैं। इनमें 14 लाख 9 हजार 278 पूर्ण जमाबंदी कायम हैं। वहीं, एक लाख 85 हजार 946 जमाबंदी त्रुटि पूर्ण हैं। बहुत सारे ऐसे भी रैयत हैं, जिनकी जमाबंदी कायम नहीं है। ऐसे अधिकांश भूस्वामी जमाबंदी कायम करने के लिए आवेदन किए हुए हैं।

    विशेष सर्वेक्षण कराया:

    भूमि सर्वे कराने के लिए प्रथम चरण में विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यालय को अभी तक 18 अंचलों के 1238 राजस्व ग्राम से 787316 स्व घोषणा-पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें से 19 हजार 707 आवेदन को अपलोड किया जाना बाकी है। वहीं, बताया जा रहा है कि भू सर्वेक्षण सॉफ्टवेयर के प्रपत्र 05 में 1197 राजस्व ग्राम के खेसरा प्रविष्ट का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसमें से 834 राजस्व ग्राम के खेसरा प्रविष्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है।

    क्या कहते हैं अधिकारी?

    सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी कमलेश प्रसाद ने बताया कि जिले में कितने रैयत हैं, यह बताना काफी कठिन है। तिथि 31 मार्च ही निर्धारित थी, लेकिन विभागीय जानकारी के अनुसार तिथि बढ़ाई गई है। अभी तक जमाबंदी के अनुसार लगभग 65 प्रतिशत रैयत विशेष भू सर्वे को लेकर अपना दावा अपलोड कर चुके हैं।

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