मखाना कारोबार में छिड़ा ट्रेड वार, दरभंगा में डाक निर्यात केंद्र शुरू; टाटा, रिलायंस, सुधा, हल्दीराम उतरीं
Makhana Trade War: मिथिला मखाना के निर्यात में तेजी आने की संभावना है, क्योंकि टाटा, रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियाँ दरभंगा के मखाना कारोबार में उतर चुकी ह ...और पढ़ें

टैरिफ और खाड़ी देशों के हालातों के कारण मखाना निर्यात पूरी तरह ठप हो गया था। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, दरभंगा। Darbhanga Postal Export Centre: मिथिला के मखाने को लेकर अब कॉरपोरेट जगत में हलचल तेज हो गई है। करीब 2 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद विदेशों में मखाना के निर्यात होने की संभावना काफी बढ़ गई है। अकेले दरभंगा में इस बार 20 हजार मीट्रिक टन मखाना उत्पादन की उम्मीद है।
ब्रांडेड कंपनियों ने बढ़ाई हलचल
विश्व स्तरीय खाद्य पदार्थ के रूप में चर्चित मिथिला मखाना के व्यापार में अब देश की दिग्गज ब्रांडेड कंपनियां उतर चुकी हैं। टाटा, रिलायंस, सुधा, हल्दीराम समेत गुजरात और राजस्थान के बड़े व्यापारियों ने दरभंगा और आसपास के जिलों में डेरा डाल दिया है।
किसानों को किया जागरूक
इंडियन टोबैको कंपनी (ITC) मखाना के अधिक से अधिक उत्पादन के लिए किसानों को लगातार जागरूक कर रही है। ये बड़ी कंपनियां यहां के स्थानीय व्यापारियों को अपनी प्रिंटेड थैलियां स्टॉक में दे रही हैं, जिसमें एक से पांच किलो की पैकिंग हो रही है।
विदेशी बच्चों को भाया मखाना
कैल्शियम और पोषक तत्वों से भरपूर मखाना अब वैश्विक स्तर पर 'सुपर फूड' बन चुका है। देश-विदेश के बाजारों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए मखाना पाउडर, बिस्किट, पास्ता, कुरकुरे, टोमेटो चीज और क्रीम ओनियन जैसे आकर्षक फ्लेवर भेजे जा रहे हैं।
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छह सूता मखाना की मांग
विदेशी बाजारों में निर्यात करने वाले बड़े कारोबारी सबसे अच्छी किस्म के 'छह से सात सूता' वाले मखाने की खरीद में जुटे हैं। नए मखाना सीजन के लिए व्यापारियों ने अभी से करीब 99 प्रतिशत मखाना की एडवांस बुकिंग पूरी कर ली है।
पिछले साल हुआ था नुकसान
बीते साल टैरिफ और खाड़ी देशों के हालातों के कारण मखाना निर्यात पूरी तरह ठप हो गया था। इसके चलते कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और एक्सपोर्ट क्वालिटी का मखाना स्थानीय बाजारों में कम कीमत पर बेचना पड़ा था।
अगस्त में होगी मखाना आपूर्ति
सोनकी की मखाना व्यवसायी रूपम देवी ने बताया कि गुजरात के व्यापारी जून में ही आकर एग्रीमेंट कर चुके हैं। वर्तमान में मखाना अभी खेतों और पोखरों में तैयार हो रहा है, जिसकी आपूर्ति अगस्त महीने से शुरू कर दी जाएगी।
स्थानीय व्यापारियों की बढ़ी चिंता
मिथिलांचल भोग के प्रोपराइटर सुतांशु कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल कंपनियों के आने से निर्यात तो चार गुना बढ़ेगा, लेकिन बड़ी कंपनियों के एकाधिकार से स्थानीय छोटे व्यापारियों का धंधा मंदी की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है।
डाक विभाग ने संभाली कमान
दरभंगा डाक निर्यात केंद्र के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव विद्यानंद कुमार ने बताया कि घरेलू उद्यमियों को निर्यात के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस बार डाक निर्यात केंद्र के जरिए मखाना एक्सपोर्ट में नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।