बिहार के गांवों में चुनावी माहौल गर्म, कौन लड़ेगा चुनाव? आरक्षण सूची का सबको इंतजार
बिहार के केवटी प्रखंड में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। संभावित आरक्षण सूची का इंतजार है, जिसके बाद सितंबर-अक्टूबर में चुनाव होन ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, केवटी (दरभंगा)। पंचायत चुनाव का समय नजदीक आते ही प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चाय-नाश्ता की दुकानों व चौक - चौराहों से लेकर गांव की चौपाल और इंटरनेट मीडिया तक चुनावी चर्चाओं का माहौल गर्म है।
संभावित आरक्षण सूची और सीटों के रोस्टर को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक अधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में संभावित उम्मीदवारों और वर्तमान जनप्रतिनिधियों की निगाहें आयोग के फैसले पर टिकी है।
दरअसल, मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल इसी वर्ष दिसंबर में समाप्त हो रहा है। ऐसे में सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के पहले सप्ताह के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी तैयारियों के बीच संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया है। गांव-गांव बैठकों का दौर शुरू हो गया है और समर्थकों के साथ रणनीति बनाई जा रही है।
ग्रामीण राजनीति अब केवल चौपाल तक सीमित नहीं रह गई है। विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म भी चुनाव प्रचार का अहम माध्यम बन गए हैं।
संभावित उम्मीदवार विकास के दावे और जनहित के वादों के साथ अपने संदेश मतदाताओं तक पहुंचाने में जुटे हैं। वहीं पंचायत के कई मुखिया व सरपंच एवं पंचायत समिति सदस्य आरक्षण रोस्टर में बदलाव के कारण या तो क्षेत्र बदलने की तैयारी में है या फिर परिवार के किसी सदस्य को चुनावी मैदान में उतारने की फिराक में है।
आरक्षण रोस्टर में बदलाव को लेकर तरह-तरह चर्चे चल रहे हैं। ऐसे में वार्ड सदस्य, पंच, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार इन दिनों प्रखंड मुख्यालय का लगातार चक्कर लगा रहे हैं।
सभी यह जानना चाहते हैं कि इस बार उनकी जिला परिषद व पंचायत एवं पंचायत समिति क्षेत्र या वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा। प्रखंड की चार जिला परिषद व 36 पंचायत समिति क्षेत्र और 26 पंचायतों के लिए नए आरक्षण रोस्टर की संभावना ने कई वर्तमान जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ा दी है।
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मालूम हो कि प्रखंड में जिला परिषद सदस्य पद के चार, मुखिया एवं सरपंच पद के 26-26 व पंचायत समिति सदस्य के 36 एवं वार्ड सदस्य और पंच पद के लिए 355 -355 पद कुल 802 पद हैं। इस बार आरक्षण निर्धारण के लिए वर्ष 2011की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। इसी आधार पर आरक्षण रोस्टर और अन्य चुनावी प्रपत्र तैयार किए जा रहे हैं।
आरक्षण रोस्टर को लेकर अब तक विभाग से कोई निर्देश नहीं मिला है। अभी तक केवल प्रपत्र -एक का प्रकाशन किया गया है।
- कुणाल कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, केवटी।