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    दरभंगा एम्स के लिए बड़ी तैयारी, नदी की गाद से बदल जाएगी पूरे इलाके की सूरत

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 04:05 PM (IST)

    दरभंगा एम्स का निर्माण बाढ़ का पानी उतरने के बाद गति पकड़ेगा, जिसके लिए मिट्टी समतलीकरण का कार्य नदी गाद से होगा। इसके लिए 184.65 करोड़ रुपये स्वीकृत ...और पढ़ें

    दरभंगा में चल रहा निर्माण कार्य। जागरण

    दरभंगा में चल रहा निर्माण कार्य। जागरण

    संवाद सहयोगी, दरभंगा । जिले के शोभन-एकमी बाइपास किनारे प्रस्तावित दरभंगा एम्स के जल्द आकार लेने की उम्मीद बढ़ गई है। निर्माण स्थल पर बुलडोजर से मिट्टी समतलीकरण कार्य चल रहा है।

    सरकार के मिट्टी समतलीकरण कार्य नदी गाद (सिल्ट) से कराने के निर्णय बाद जल संसाधन विभाग ने निविदा भी निकाली है। इसके लिए 184.65 करोड़ की राशि स्वीकृत है।

    साथ ही एम्स निर्माण स्थल से एक किलोमीटर दूर बागमती नदी की उपधारा खिरोई और ललबखियां से उड़ाही कर गाद निकाला जाएगा। हालांकि, वर्तमान में नदियां उफान मार रही हैं और बाढ़ की स्थिति के चलते गाद निकालना बड़ी चुनौती है।

    विशेषज्ञों की मानें तो अक्टूबर बाद नदियों का पानी घटने के बाद गाद निकालने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। जिसके बाद एम्स निर्माण स्थल पर मिट्टी समतलीकरण कार्य को नई रफ्तार मिलेगी।

    एम्स निर्माण भूमि अधिग्रहण कमिटी के सदस्य मुखिया राजीव कुमार चौधरी बताते हैं कि 187 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित हो चुकी है। इसमें से करीब 150 एकड़ सरकारी जमीन है।

    जबकि अतिरिक्त 36.27 एकड़ किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके एवज में आवेदन करने वाले अधिकतर किसानों को मुआवजा प्राप्त कर चुके हैं।

    वहीं 10 प्रतिशत किसान राशि भुगतान की प्रतीक्षा में हैं। वहीं एम्स के लिए विद्युत पावर सब स्टेशन, प्रोडक्शन बांध एवं अन्य कार्यों के लिए 26.76 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होना बाकी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए राशि भी स्वीकृत है और अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है।

    बदल जाएगी क्षेत्र की सूरत, बढ़ेगी एमबीबीएस और नर्सिंग सीट

    2015 में केंद्र सरकार द्वारा घोषित दरभंगा एम्स निर्माण की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 नवंबर 2024 रखी। इसके बाद से मुख्यद्वार और प्रोडक्शन वाल निर्माण के साथ मिट्टी समतलीकरण कार्य चल रहा है।

    दरभंगा एम्स निर्माण के लिए आरंभ में 1264 करोड़ की स्वीकृत राशि अब बढ़कर 2,006 करोड़ हो गई है। एम्स निर्माण पूरा होने पर उत्तर बिहार के लोगों को 750 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सुविधा मिलेगी।

    वहीं 125 एमबीबीएस और 60 नर्सिंग सीटों पर स्टूडेंट का नामांकन होगा। इससे जिले के विकास को नई गति मिलने की संभावना है। स्थानीय ग्रामीण मोतिउर्रहमान, संतोष यादव, सुमन चौधरी, अशोक सिंह आदि बताते हैं कि नदी गाद से मिट्टी समतलीकरण का निर्णय सर्वोत्तम है।

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    इससे बागमती नदी की उपधारा को नवजीवन मिलेगा। उन्होंने बताया कि दरभंगा एम्स में उपचार शुरू होने का सीधा लाभ आधे बिहार सहित पड़ोसी देश नेपाल के मरीजों को मिलेगा। साथ ही कई तरह के रोजगार को बढ़ावा मिलने से क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी। युवाओं का पलायन घटेगा और विकास की गति तेज होगी।

    देखते-देखते तैयार हो जाएगा एम्स

    दरभंगा एम्स निर्माण को सांसद डा. गोपालजी ठाकुर मिथिला के लिए बड़ी उपलब्धि मानते हैं। बताया कि मिट्टीकरण के लिए 500 करोड़ और बांध निर्माण के लिए 94 लाख की राशि स्वीकृत है। साथ ही केंद्र सरकार ने 700 करोड़ की राशि बजट में स्वीकृत कर रखी है। जिससे देखते ही देखते एम्स निर्माण हो जाएगा।